वीआरएस लेकर राजनीति में कूद रहे घाटी के डॉक्टर
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रियासत के डाक्टरों को अब सियासी शतरंज भाने लगी है। प्रदेश भाजपा से पीएमओ कार्यालय तक का सफर तय करने वाले डा. जितेंद्र सिंह के बाद अब असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अनिल कुमार धर समय पूर्व सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर राजनीति में किस्मत आजमाने के लिए कूद पड़े हैं।
खास बात ये दोनों वरिष्ठ डाक्टर जीएमसी के इंटरनल मेडिसन विभाग से हैं। डा. धर को वर्ष 2026 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन सियासत के लिए उन्होंने इसी 31 जुलाई को सेवानिवृत्ति ले ली।
डा. धर भी किसी बड़े दल में शामिल हो सकते हैं। ढाई साल पहले इंटरनल मेडिसन विभाग से डा. जितेंद्र सिंह ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इसी विभाग के डा. जितेंद्र हैं पीएमओ में मंत्री
वह राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के साथ पार्टी प्रवक्ता भी रहे। लोकसभा चुनाव में उधमपुर सीट पर पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को टक्कर देने वाले डा. जितेंद्र सिंह अब राज्य (स्वतंत्र कार्यभार) विज्ञान, तकनीक और भू विज्ञान मंत्री पद पर बैठे हैं।
इस सफर से दूसरे डाक्टरों को भी प्रेरणा मिली है। इसके बाद इंटरनल मेडिसन विभाग से ही वरिष्ठ डाक्टर अनिल कुमार धर ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर सियासत में भाग्य आजमाने की तैयारी की है।
हाल ही में सेवानिवृत्ति लेने वाले डा. अनिल धर का कहना है कि वह राजनीति में आकर समाज को नई दिशा प्रदान करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने समय से पूर्व ही अपने पेशे को विदा कह दिया।