हाईवे से 800 मीटर दूर पाइप और कुकर में छिपाकर रखे गए 13 किलो के दो आईईडी बरामद
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सुरक्षा बलों ने सोमवार को आतंकियों की दो साजिशों को नाकाम कर दिया। एक घटना में दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के गासिमगुंड डलवाच इलाके में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे से 800 मीटर दूर छिपाकर रखे गए दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए। दूसरी घटना में उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में लश्कर-ए-ताइबा के पांच ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) गिरफ्तार किए गए। एक ओजीडब्ल्यू को एसपीओ भर्ती रैली को निशाना बनाने के लिए ग्रेनेड के साथ पहुंचा था।
अनंतनाग पुलिस ने सोमवार को हाईवे के नजदीक एक पाइप तथा कुकर में छिपाकर रखी गई संदिग्ध वस्तु देखी। उसमें से कुछ तार निकले हुए थे। इसके बाद रास्ते पर आवागमन रोक दिया गया। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। जांच पड़ताल के बाद दस्ते ने इसे निष्क्रिय किया। आतंकियों द्वारा इस आईईडी को किसी स्थान पर हमले के लिए रखा जाना था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों आईईडी 13 किलो की थी। आईईडी इतनी शक्तिशाली थी कि विस्फोट होने पर पुलवामा दोहराया जा सकता था। काफी जान माल का नुकसान होता। पुलवामा में फरवरी महीने में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई। सैन्य प्रतिष्ठानों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। हाईवे पर भी जगह-जगह नाके लगाकर चेकिंग की गई।
हाईवे पर एक सप्ताह में तीसरी बार आईईडी बरामद
आतंकियों की ओर से हाईवे पर 10 दिन में तीसरी बार आईईडी प्लांट की गई। 25 नवंबर को 13 किलो के दो आईईडी मिलने से पहले 21 नवंबर को अनंतनाग के वानपोह इलाके में 25 किलो की आईईडी बरामद की गई थी। इससे पहले 15 नवंबर को भी श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर में ईडीआई के बाहर भी आतंकियों द्वारा एक प्रेशर कुकर में पांच किलो की आईईडी प्लांट की गई थी।