सुषमा ने की अमेरिका में फंसे शहीद के भाई की मदद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांपोर हमले में शहीद हुए कैप्टन तुषार महाजन के बड़े भाई के विदेश में फंसे होने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
तुषार महाजन के बड़े भाई निखिल अमेरिका में रहते हैं। तुषार के निधन के बाद वह भारत रहे थे, लेकिन उनको कुछ कागजी कार्रवाई के कारण अमेरिका से भारत वापस आने की अनुमति नहीं मिल पा रही थी।
कैप्टन तुषार महाजन के 29 वर्षीय भाई निखिल इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अमेरिका में ही जॉब कर रहे हैं। तुषार की मौत के बाद जब निखिल को भारत आने की इजाजत नहीं मिल पा रही थी तो निखिल के परिजनों और दोस्तों ने ट्विटर के जरिये सुषमा स्वराज तक ये सूचना पहुंचाई।
इस मामले के संज्ञान में आते ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास को निखिल से संपर्क करने के निर्देश दिए। निखिल महाजन 25 फरवरी को सुबह दिल्ली पहुंच जाएंगे।
I have asked our Embassy in Washington to speak to Capt Tushar Mahajan's brother just now and provide him all help.@jayabharati @sans_kruti
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) February 23, 2016
इस लिए भारत नहीं आ पा रहे थे निखिल महाजन
इस मामले की जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज लगातार ट्विटर के जरिए साझा कर रही हैं। सुषमा स्वराज ने ट्विट कर बताया कि वाशिंगटन में भारतीय राजनयिक टीएस संधू ने निखिल महाजन से बात कर ली है और संधू ने बताया है कि निखिल महाजन 25 फरवरी को सुबह दिल्ली पहुंच जाएंगे।
Our DCM in US TS Sandhu has informed that Nikhil Mahajan brother of Capt Tushar Mahajan is reaching Delhi by flt EK 512 on 25 Feb at 0240 am
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) February 24, 2016
एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए निखिल ने कहा कि, ' उनके पास 29 महीने का एफ-1 वीजा है।' यह वीजा पहले चरण में सिर्फ 12 महीने के लिए जारी होता है। फिर इसके बाद अगले 17 महीने के लिए इसका रिन्यूअल होता है।
आपको बता दें कि जब तक इसका रिन्यूअल नहीं हो जाता तब तक प्रवासी नागरिक अमेरिका नहीं छोड़ सकता है। निखिल महाजन ने दिसंबर में ही वीजा रिन्यूअल के लिए आवेदन किया था। अभी इसकी कागजी कार्रवाई में दो से तीन सप्ताह का समय और लगता।
ऐसे में वह अपने भाई तुषार महाजन के निधन के बाद भी घरवालों के साथ इस दुख की घड़ी में शरीक नहीं हो पाते। निखिल ने बताया कि, 'इसकी तुषार से बात 30..31 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद जब उसे कश्मीर में तैनात किया था तब से हम मैजेस के जरिए एक दूसरे के संपर्क में थे। तुषार मेरा छोटा भाई था मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि वह चला गया है।'