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चौथे दिन डायलिसिस यूनिट बहाल होने से लोगों को मिली राहत
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जम्मू। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलॉजी यूनिट के शुक्रवार को चौथे दिन बहाल होने से मरीजों को राहत मिली। यूनिट में 30 मरीजों की डायलिसिस की गई। यूनिट के आरओ प्लांट में तकनीकी खराबी के कारण पिछले तीन दिन से मरीजों की डायलिसिस नहीं हो पा रही थी। इसके चलतेे कुछ मरीजों को बत्रा अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा दी गई थी। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार डायलिसिस यूनिट को बहाल कर दिया गया है। यूनिट में आने वाले लगभग सभी मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है।
आरओ प्लांट में तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक पूरी डायलिसिस यूनिट ठप हो गई थी। कोरोना संकट के बीच शहर और अन्य जिलों के डायलिसिस मरीज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर ही निर्भर हैं। गांधीनगर में चार डायलिसिस मशीनें हैं, लेकिन उन्हें कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों के लिए रखा गया है। गांधीनगर कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रतिदिन 20-30 डायलिसिस की जाती हैं। अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के लिए सिर्फ सामान बाजार से लाना पड़ता है, जबकि डायलिसिस निशुल्क की जाती है। लेकिन निजी अस्पतालों में डायलिसिस के लिए भारी राशि ली जाती है। शुक्रवार को डायलिसिस यूनिट शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
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आरओ प्लांट में तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक पूरी डायलिसिस यूनिट ठप हो गई थी। कोरोना संकट के बीच शहर और अन्य जिलों के डायलिसिस मरीज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर ही निर्भर हैं। गांधीनगर में चार डायलिसिस मशीनें हैं, लेकिन उन्हें कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों के लिए रखा गया है। गांधीनगर कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रतिदिन 20-30 डायलिसिस की जाती हैं। अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के लिए सिर्फ सामान बाजार से लाना पड़ता है, जबकि डायलिसिस निशुल्क की जाती है। लेकिन निजी अस्पतालों में डायलिसिस के लिए भारी राशि ली जाती है। शुक्रवार को डायलिसिस यूनिट शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
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