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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डायलिसिस यूनिट दूसरे दिन भी रही बंद
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जम्मू। सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलॉजी विभाग में आरओ प्लांट (रिवर्स आस्मोसिस) के मदर बोर्ड में तकनीकी खराबी आने के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी डायलिसिस यूनिट बंद रही। डायलिसिस में पहुंचे चार गंभीर मरीजों को अस्पताल प्रशासन की ओर से एस्कॉम बत्रा अस्पताल शिफ्ट कराया गया। अस्पताल का डायलिसिस ठीक होने तक बत्रा में ही कुछ मरीजों के डायलिसिस किए जाएंगे। आरओ प्लांट के उपकरण के साथ दिल्ली से इंजीनियर को भी बुलाया गया है। डायलेसिस यूनिट के बहाल होने में 1-2 दिन लग सकते हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद डिगरा ने बताया कि दिल्ली से उपकरण के साथ इंजीनियर निकल चुका है। उम्मीद है कि, वीरवार तक आरओ प्लांट बहाल होने पर डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी।
कोरोना संकट के बीच संभाग में सरकारी स्तर पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ही डायलिसिस यूनिट चल रहा है। गांधीनगर में भी डायलिसिस यूनिट है। जहां चार मशीनें हैं, लेकिन गांधीनगर अस्पताल के कोविड अस्पताल के रूप में काम करने के कारण सभी डायलिसिस मशीनें कोविड और संदिग्ध मरीजों के लिए रखी गई हैं। मौजूदा समय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 20 डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं। इसमें प्रतिदिन 20 से 30 डायलिसिस हो रहे थे। इसमें तीन मशीनें एचआईवी, हैपेटाइटिस बी, सी से संक्रमित मरीजों के लिए रखी गई हैं, जबकि बाकी सामान्य मरीजों के लिए हैं। जम्मू और आसपास के कई जिलों का डायलिसिस लोड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर रहता है। हालांकि, यात्री वाहनों के बंद रहने और कई जिलों के रेड जोन होने के कारण यूनिट में लगभग मरीज जम्मू से ही पहुंच रहे थे। बत्रा अस्पताल में भी तीन ही डायलिसिस मशीनें हैं, यहां शिफ्ट में मरीजों को डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रशासन की ओर से बत्रा अस्पताल में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को डायलिसिस में सहयोग के लिए भेजा गया है। जीएमसी के इमरजेंसी वार्ड में भी एक डायलिसिस मशीन स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि गंभीर मरीज को डायलिसिस दिया जा सके।
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कोरोना संकट के बीच संभाग में सरकारी स्तर पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ही डायलिसिस यूनिट चल रहा है। गांधीनगर में भी डायलिसिस यूनिट है। जहां चार मशीनें हैं, लेकिन गांधीनगर अस्पताल के कोविड अस्पताल के रूप में काम करने के कारण सभी डायलिसिस मशीनें कोविड और संदिग्ध मरीजों के लिए रखी गई हैं। मौजूदा समय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 20 डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं। इसमें प्रतिदिन 20 से 30 डायलिसिस हो रहे थे। इसमें तीन मशीनें एचआईवी, हैपेटाइटिस बी, सी से संक्रमित मरीजों के लिए रखी गई हैं, जबकि बाकी सामान्य मरीजों के लिए हैं। जम्मू और आसपास के कई जिलों का डायलिसिस लोड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर रहता है। हालांकि, यात्री वाहनों के बंद रहने और कई जिलों के रेड जोन होने के कारण यूनिट में लगभग मरीज जम्मू से ही पहुंच रहे थे। बत्रा अस्पताल में भी तीन ही डायलिसिस मशीनें हैं, यहां शिफ्ट में मरीजों को डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रशासन की ओर से बत्रा अस्पताल में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को डायलिसिस में सहयोग के लिए भेजा गया है। जीएमसी के इमरजेंसी वार्ड में भी एक डायलिसिस मशीन स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि गंभीर मरीज को डायलिसिस दिया जा सके।
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