सूट-बूट पहने आतंकी कर रहे सीमा की रेकी
माहौल बिगाड़ने के लिए पाकिस्तान लगातार साजिश रच रहा है। वर्तमान में सीमा पार सियालकोट सेक्टर में 80 से 85 हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तोयबा, जैश-ए-मोहम्मद आदि आतंकी संगठनों के दल घुसपैठ की तैयारी में बैठे हैं।
इनमें से 40 आतंकियों को बैैट की विशेष ट्रेनिंग दी गई है, जिन्हें ट्रांजिट कैंप शवा फाटक के नजदीक जोरा अस्पताल सियालकोट में रखा गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रशिक्षित आतंकियों को भारतीय सीमा मे प्रवेश करवाने के फिराक में है।
इसके लिए आतंकियों को पाकिस्तान के जफरवाल, शकरगढ़, धरमा, पसरूर और ढलोवाली शहर में रखा गया है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करवाने की योजना है।
छोटे-छोटे गुटों में बंटे हैं आतंकी
अधिकतर आतंकी क्लीन शेव और मार्डन कपडे़ व ट्रैक सूट पहने हुए हैं। उन्हें छोटे-छोटे दलों में बांट कर जम्मू संभाग की सीमा से घुसपैठ करवाने की योजना है। सूत्रों के अनुसार चार व छह के दल में उन्हें बांटा गया है। वहीं उन्हें सीमा केनिकट से रेकी भी करवाई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो लश्कर-ए-तोयबा के 4-5 प्रशिक्षित आतंकियों को सांबा सेक्टर व अरनिया क्षेत्र से घुसपैठ की योजना है, जिन्हें सियालकोट सेक्टर के धरमण एवं जटरवाल लांचिंग पैड पर तीन से चार दिनों से बैठा कर रखा गया है। उनसे सीमा की रेकी भी करवाई गई है।
गौरतलब है कि सीमा पर बीएसएफ के जवानों की सतर्कता के चलते रेंजर घुसपैठ करवाने में हर बार असफल होते आ रहे हैं। इसके बावजूद सीमा पार से गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ का प्रयास जारी है।
फोटो - हाल ही में गिरफ्तार किया गया लश्कर कमांडर अबू मावया।