Target Killing in Kashmir: आतंकियों ने की जम्मू कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर की हत्या, धान के खेत में मिला गोलियों से छलनी शव
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों ने पुलिस अधिकारी की घर की पास गोली मारकर हत्या कर दी। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया है। आतंकियों की खोजबीन की जा रही है।
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करीब एक पखवाड़े की शांति के बाद आतंकियों ने फिर लक्षित हत्या को अंजाम देते हुए पुलवामा में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर (एसआई) की गोली मारकर हत्या कर दी। शुक्रवार देर रात को खेत से उनका गोलियों से छलनी शव बरामद किया गया। इस बीच द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हत्या की जिम्मेदारी ली है।
रात में अपने खेत में धान की फसल में पानी देने गए थे
पुलवामा के संबूरा गांव के रहने वाले पुलिस सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर (48 वर्ष) रोज की तरह रात लगभग आठ बजे अपने खेत में धान की फसल में पानी देने गए। उनका खेत घर से एक किलोमीटर की दूरी पर है। वह पिछले 20 दिनों से ड्यूटी से लौटने के बाद खेत में पानी देने जा रहे थे। वह देर रात तक घर नहीं लौटे तो परिवार वालों को चिंता हुई।
पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया
उनकी बेटी और पड़ोसी खेतों पर उन्हें तलाशने गए जहां फारूक का शव मिला। सूचना मिलने पर आधी रात पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सीने पर गोलियों के निशान थे। मौके से पिस्टल के दो खोखे भी बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी हासिल की। आसपास के लोगों से पूछताछ की।
पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया
पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आईआरपी 23 बटालियन में तैनात फ ारूक अहमद मीर का शव संबूरा में उनके घर के पास धान के खेतों में पाया गया था। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह कल शाम को अपने धान के खेतों में काम करने के लिए घर से निकले थे, जहां आतंकियों ने पिस्तौल से उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटनास्थल से दो पिस्टल कारतूस भी मिले हैं। लेथपोरा अवंतिपोरा स्थित अपने दफ्तर में तैनात पुलिस अफ सर शाम को घर गए थे, जहां आतंकियों ने हत्या कर दी।
बड़ी बेटी बांग्लादेश में कर रही एमबीबीएस
फारूक अपने पीछे बूढ़े बाप, पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी बांग्लादेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी 12वीं कक्षा और बेटा तीसरी कक्षा में है। कल रात से ही फ ारूक के घर पर ग्रामीणों और परिवार सदस्यों का तांता लग गया।
एसआई पर कई दिनों से नजर रखे थे आतंकी
सूत्रों का कहना है कि आतंकी सब इंस्पेक्टर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। पिछले कई दिनों से उनकी रेकी करने के बाद शुक्रवार की रात को आतंकी उन्हें अपने साथ खेत ले गए गए और गोली मारकर हत्या कर दी।
बेटी बोली-हत्या करने वालों से लूंगी बदला
हत्या से पूरे गांव में मातम है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने हत्या की निंदा करते कहा कि यह समझ से बाहर है कि इन्हें किसने और क्यों मारा क्योंकि फारूक इलाके के बेहद शरीफ लोगों में गिने जाते थे। हर कोई उनकी इज्जत करता था। फारूक की बेटी और भाई की बहू जिसे वो अपनी बेटी से ज़्यादा प्यार करते थे, ने इस शर्मनाक घटना की निंदा करते कहा कि अपने पिता के हत्यारों को नहीं छोड़ेंगे।
दोषियों का पता लगाने और उन्हें दंडित करने की मांग
उन्होंने दोषियों का पता लगाने और उन्हें दंडित करने के लिए पुलिस से जांच की मांग की। रोते हुए बेटी ने कहा कि उसको नहीं छोडूंगी जिसने मेरे अब्बू के साथ ऐसा किया। जब पुलिस जांच करेगी तो मैं पूरा सहयोग करूंगी। मैं चाहती हूं कि उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मैंने उन्हें कल शाम को देखा था। हम चाय पी रहे थे और वे बहुत खुश थे। उनका किसी से कोई मतभेद नहीं था।
पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या की निंदा
भाई की बहू रिहाना ने कहा कि उन्होंने सहारा छीन लिया है। बूढ़े पिता अंदर पड़े हैं जिनका सहारा छिन गया है। जिसने भी उन्हें मार डाला उसे हम नहीं जानते लेकिन हम उसे पूछना चाहते हैं कि यह हत्या करके उसे क्या मिला। वह इस घर में एकमात्र कमाने वाले थे। हत्यारा भगवान को क्या जवाब देगा। अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी आतंकियों द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या की निंदा की और कहा कि इसमें शामिल लोगों को जल्द से जल्द खोजा जाना चाहिए और कड़े कानून से निपटा जाना चाहिए।
छह साल के बेटे को नहीं पता कि पिता दोबारा नहीं लौटेंगे
सब इंस्पेक्टर को अवंतिपोरा में श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस के आला अधिकारी और उनके परिवार वाले मौजूद थे। जिस समय पिता को श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो उनका 6 साल का बेटा मुस्कुराता दिख रहा था। मासूम को शायद यह नहीं पता था कि उसके पिता दोबारा वापस नहीं आएंगे।
इस साल अब तक 18 लक्षित हत्याएं
कश्मीर में टारगेट किलिंग का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। यह इस वर्ष की 18वीं हत्या है। इस महीने की शुरुआत में दो जून को राजस्थान के एक ईडी बैंक मैनेजर विजय कुमार की दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों द्वारा हत्या कर दी थी। इससे पहले मई में दो पुलिसकर्मियों, कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट, टीवी अदाकारा व शिक्षिका रजनी बाला को भी मार डाला था। सभी हत्याएं पिस्टल से की गईं। हालांकि सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस साल अब तक 30 पाकिस्तानी आतंकियों सहित 109 आतंकियों को मार गिराया है।
हाल में हुई टारगेट किलिंग
- 2 जून: कुलगाम जिले में एक बैंक प्रबंधक की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
- 31 मई: कुलगाम के गोपालपोरा में हिंदू महिला शिक्षक रजनी बाला की हत्या
- 25 मई: बडगाम में घर पर टीवी कलाकार अमरीन भट की हत्या। उसका 10 वर्षीय भतीजा हाथ में गोली लगने से घायल।
- 24 मई: श्रीनगर में पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की हत्या। उसकी 7 साल की बेटी घायल
- 17 मई: बारामुला में शराब दुकान पर ग्रेनेड हमला, राजोरी के सेल्सैन रंजीत सिंह की मौत, तीन अन्य घायल
- 13 मई: पुलवामा के गडूरा गांव में निहत्थे पुलिसकर्मी रियाज अहमद की हत्या
- 12 मई: बडगाम में कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की चाडूरा तहसील कार्यालय में घुसकर हत्या हत्या कर दी।
- 7 मई : श्रीनगर में डॉ अली जान रोड पर आइवा ब्रिज के पास आतंकवादी हमले में पुलिस कांस्टेबल गुलाम हसन डार की मौत