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अब शिविरों में लगी बच्चों की कक्षाएं

Mon, 13 Oct 2014 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आरएस पुरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आरएस पुरा Updated Mon, 13 Oct 2014 11:30 PM IST
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students resumes studies at relief camps

पाकिस्तानी गोलाबारी से पलायन कर आईटीआई कालेज में लगाए शिविर में सीमावर्ती बच्चों के लिए सोमवार से नियमित कक्षाएं शुरू कर दी गईं। गांव चंदू चक के हाई स्कूल के शिक्षकों ने शिविर में जाकर कक्षाएं लीं। दरअसल, सप्ताह भर से अधिक समय से पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है।

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पाकिस्तानी गोलों से सीमावर्ती गांवों से लोगों ने पलायन कर दिया है। गोलाबारी और पलायन का असर सबसे अधिक बच्चों पर पड़ा है। उनकी पढ़ाई छूट गई है। भय से उनके दिलोदिमाग पर असर पड़ रहा है। अभिभावकों को उनके भविष्य की चिंता सता रही है। ‘अमर उजाला’ ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था।
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इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संजीदगी से लिया। विभाग ने बंद सीमावर्ती स्कूलों के शिक्षकों को निर्देश दिए थे कि शिक्षक शिविरों में जाकर स्कूली बच्चों की कक्षाएं लगाएं। इसके तहत ही सोमवार को आईटीआई कालेज में कक्षाएं लगाई गईं। सीमावर्ती ग्रामीण मंगाराम, चमन लाल, सोहन चौधरी, पूर्ण चंद का कहना है कि शिविरों में आने के बाद बच्चों की पढ़ाई छूट गई, जिससे वह चिंता में थे।
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अब शिविरों में ही कक्षाएं लगाए जाने से बच्चे परीक्षाओं की तैयारी भी ठीक से कर सकेंगे। सरकारी हाई स्कूल चंदू चक की प्रधानाचार्य निर्मला गुप्ता का कहना है कि पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते गांव खाली हो गए हैं। ऐसे में अब स्कूल समय के मुताबिक शिविर में ही कक्षाएं लगाना शुरू किया गया है।

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