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पांच विभागों के कर्मियों ने की एक दिन की हड़ताल, कामकाज ठप
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जम्मू। पक्की नौकरी के लिए अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को आरएंडबी, पीडब्ल्यूडी, इस्टेट, बिजली विभाग और जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर मांगें पूरी करने को आवाज बुलंद की। कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पक्का नहीं किया गया है। उन्हेें 225 रुपये दिहाड़ी मिल रही है, जबकि नियमित कर्मचारियों को हर माह पचास हजार रुपये वेतन मिल रहा है। उनसे एक सामान काम लिया जा रहा है, बावजूद इसके वेतन कम दिया जा रहा है। कुछ विभागों में वेतन रोका गया है। इससे भी कर्मचारी परेशान है। चेतावनी दी कि जल्द मांगों को हल नहीं किया तो उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। ऑल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के चेयरमैन सतीश शर्मा ने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल में अन्य विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने भाग लिया है। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। विभागों में हड़ताल के लिए आगामी रणनीति बनाई जा रही है।
कर्मचारियों की हड़ताल से पांच विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। अस्थायी कर्मचारियों के माध्यम से करवाए जाने वाले काम नहीं हो पाए। बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से बिजली समस्या का हल नहीं हो पाया। कई इलाकों में बत्ती गुल होने पर उसे ठीक करने में काफी समय लगा। लोक निर्माण विभाग में सड़कों पर तैनात लेबर काम पर नहीं आई। सड़कें नहीं बन पाईं। इसके अलावा आरएंडबी और इस्टेट विभाग के कार्यालयों का काम भी बाधित रहा। यहां पर डाक एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस तक नहीं पहुंच पाई है।
ये हैं मुख्य मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए।
सरकार को तीन दिन का दिया अल्टीमेटम
सोमवार को अनिश्चितकाल हड़ताल पर जा सकते हैं सभी विभागों के कच्चे मुलाजिम
प्रदेशभर में सोमवार पांच अक्तूबर से अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो सकती है। घाटी में हड़ताल के लिए अस्थायी कर्मचारी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। शुक्रवार को बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी और हड़ताल शुरू करने के लिए तारीख तय की जा सकती है। जम्मू संभाग में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। अगर सरकार तीन दिन में मांगें पूरी करती है तो हड़ताल वापस ली जाएगी। मांगें हल न होने पर हड़ताल अनिश्चितकालीन समय के लिए बढ़ा दी जाएगी। इसमें तमाम विभागों से अस्थाई कर्मचारी भाग लेंगे। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेट फ्रंट ने सरकार को तीन दिन का समय दिया है। इसके अलावा आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेवर फ्रंट के चेयरमैन सतीश शर्मा ने बताया कि कश्मीर घाटी में इस बारे में बैठकें जारी हैं। जम्मू संभाग में शंखनाद शुरू हो चुका है। सोमवार पांच अक्तूबर को आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेट फ्रंट के पदाधिकारी भानू प्रताप सिंह, रवि हंस, राजेंद्र सिंह, ज्योति प्रकाश आदि ने बताया कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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कर्मचारियों की हड़ताल से पांच विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। अस्थायी कर्मचारियों के माध्यम से करवाए जाने वाले काम नहीं हो पाए। बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से बिजली समस्या का हल नहीं हो पाया। कई इलाकों में बत्ती गुल होने पर उसे ठीक करने में काफी समय लगा। लोक निर्माण विभाग में सड़कों पर तैनात लेबर काम पर नहीं आई। सड़कें नहीं बन पाईं। इसके अलावा आरएंडबी और इस्टेट विभाग के कार्यालयों का काम भी बाधित रहा। यहां पर डाक एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस तक नहीं पहुंच पाई है।
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ये हैं मुख्य मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए।
सरकार को तीन दिन का दिया अल्टीमेटम
सोमवार को अनिश्चितकाल हड़ताल पर जा सकते हैं सभी विभागों के कच्चे मुलाजिम
प्रदेशभर में सोमवार पांच अक्तूबर से अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो सकती है। घाटी में हड़ताल के लिए अस्थायी कर्मचारी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। शुक्रवार को बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी और हड़ताल शुरू करने के लिए तारीख तय की जा सकती है। जम्मू संभाग में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। अगर सरकार तीन दिन में मांगें पूरी करती है तो हड़ताल वापस ली जाएगी। मांगें हल न होने पर हड़ताल अनिश्चितकालीन समय के लिए बढ़ा दी जाएगी। इसमें तमाम विभागों से अस्थाई कर्मचारी भाग लेंगे। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेट फ्रंट ने सरकार को तीन दिन का समय दिया है। इसके अलावा आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेवर फ्रंट के चेयरमैन सतीश शर्मा ने बताया कि कश्मीर घाटी में इस बारे में बैठकें जारी हैं। जम्मू संभाग में शंखनाद शुरू हो चुका है। सोमवार पांच अक्तूबर को आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेट फ्रंट के पदाधिकारी भानू प्रताप सिंह, रवि हंस, राजेंद्र सिंह, ज्योति प्रकाश आदि ने बताया कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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