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सबकी आंखें खोल गया ‘बचपन बचाना है’
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 27 Oct 2014 09:03 PM IST
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एक साथ रंग मंडल नाम की नाटक मंडली ने मंडे थियेटर संस्करण के तहत सोमवार को ‘बचपन बचाना है’ नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक के जरिये कलाकारों ने दर्शकों को बाल मजदूरी रोकने के लिए जागरूक किया।
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विजय मल्ला द्वारा लिखे और निर्देशित किये गये नाटक ‘बचपन बचाना है’ में लोगों को बाल मजदूरी के दृश्यों को दिखा कर कहा कि बाल मजदूरी करने वाले बच्चे बचपन को खोते जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी के नाम पर बच्चों को यौन शोषण और आपराधिक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। नाटक में कलाकारों ने आओ हम सब सच को जानें, मिलके निकले बचपन बचाने जैसे गीतों से दर्शकों पर छाप छोड़ी। नाटक में कांता शर्मा, निशा देवी, नाजुक, लक्ष बाली, अनुरूप पठानिया की भूमिका सराहनीय रही।
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