बंपर वोटिंग से बौखलाए अलगाववादी और आतंकी
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घाटी में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं ने सुरक्षा बलों की नींदें उड़ाकर रख दी हैं। ताजा घटनाक्रम में आतंक प्रभावित शोपियां में नेकां समर्थक सरपंच की हत्या के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए इसकी नए सिरे से समीक्षा की मांग की है।
माना जा रहा है कि पहले चरण में बंपर वोटिंग से बौखलाए आतंकी संगठनों की ओर से घाटी में चुनाव बहिष्कार के कॉल की अनदेखी कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जुटे रहने के चलते आतंकियों ने सरपंच को मौत के घाट उतारा है।
दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार थमने के कुछ ही घंटे बाद रविवार की रात गोलियां बरसाए जाने से मतदान को बिना किसी रोक टोक के सकुशल तथा शांतिपूर्वक संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं है। मंगलवार को आतंक प्रभावित कुपवाड़ा एवं कुलगाम जिले की नौ सीटों और जम्मू संभाग की नौ सीटों पर मतदान होना है।
सरपंचों की हत्या कहीं बंपर वोटिंग का प्रतिशोध तो नहीं ?
पहले चरण में 71 फीसदी से अधिक मतदान के बाद बौखलाए आतंकियों ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अरनिया में घुसपैठ कर भारतीय बंकर पर कब्जा जमा लिया। हालांकि, चारो घुसपैठिए मार गिराए गए, लेकिन गोलीबारी में तीन जवानों और पांच नागरिकों को जान गंवानी पड़ी।
फिर श्रीनगर के व्यस्त लाल चौक इलाके में सीआरपीएफ के बंकर को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया गया। इसमें एक सब इंस्पेक्टर सहित आठ लोग जख्मी हुए। इसके बाद श्रीनगर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुंछ में भी मेंढर तहसील के कृष्णा घाटी सेक्टर में सैन्य वाहन को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया गया।
यहां मंगलवार को मतदान होना है। सांबा जिले में भी बार्डर पर रविवार को संदिग्धों की हरकत के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। पहले चरण के मतदान के बाद पुलवामा में चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चिपकाए गए। मतदाताओं को धमकाने में कुछ युवकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्वक कराना चुनौती से कम नहीं
पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जाना भी चिंता का विषय बना हुआ है। उधर, आतंकी हाफिज सईद के लगातार एलओसी पर मौजूद रहने और 200 से अधिक आतंकियों के घुसपैठ के लिए सीमा पार तैयार रहने के भी खुफिया इनपुट मिले हैं।
माना जा रहा है कि ये सारी गतिविधियां लोगों को मतदान से दूर रखने के लिए की जा रही हैं। राज्य पुलिस प्रमुख के राजेंद्रा ने दूसरे चरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर मतदान केंद्रों तथा ईवीएम की सुरक्षा की हिदायत दी है। साथ ही मतदाताओं को डराने धमकाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है।
हालांकि, आतंकी गतिविधियों का नेकां प्रमुख और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने निंदा की और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश बताया है। राजनीति विज्ञानी और जम्मू विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. रेखा चौधरी कहती हैं कि यह अलगाववादियों की हताशा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में खलल डालने की साजिश है।