'रेस्क्यू टीम पर पत्थर न मारें, ये आपकी मदद कर रहे हैं'
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने घाटी के लोगों से अपील की है कि वे रेस्क्यू टीम पर पत्थर न चलाएं। यह लोग आप की मदद के लिए ही कार्य कर रहे हैं। कश्मीर के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद आजाद ने ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में कहा कि कुछ स्थानों पर राहत नहीं पहुंच पाई है।
जरूरतमंद लोगों ने इसकी शिकायत की है। लेकिन इसमें किसी का कसूर नहीं है। त्रासदी बहुत बड़ी है। लोगों को संयम रखकर इस संकट को टालना होगा। आजाद ने स्पष्ट कहा कि आपदा की इस घड़ी में किसी को भी रजनीति न कर फंसे लोगों की मदद करनी चाहिए।
'झेलम में लगातार आ रहा पानी'
आजाद ने कहा कि पानी घटने के बाद सिर्फ श्रीनगर में ही दो हजार से ज्यादा डाक्टरों की जरूरत पड़ेगी। यह जरूरत अकेला दिल्ली पूरी नहीं कर पाएगा। केंद्र से अतिरिक्त सचिव की टीम पहुंची है। उनसे विस्तार में बातचीत हुई है। पानी घटने के साथ क्लोरीन टैबलेट की भारी मात्रा में आवश्यकता होगी। इस संबंध में दिल्ली से बात की गई है।
आजाद ने कहा कि झेलम में पीछे से पानी लगातार आ रहा है, जिसके कारण श्रीनगर से पानी निकासी परेशानी का सबब बना हुआ है। जवाहर नगर, राजबाग जैसे इलाके में पानी निकालने के लिए बड़े पंप चाहिए, जो बाहर से मंगवाने होंगे। केंद्र सरकार को इस संबंध में कहा गया है।
श्रीनगर के कई इलाकों में बिजली बहाल
रियासत के बिजली मंत्री विकार रसूल ने कहा है कि कश्मीर घाटी के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां बिजली सप्लाई शुरू की गई है और जहां पानी बरकरार है, वहां अभी बिजली सप्लाई करना खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में आई इतनी बड़ी आपदा के लिए सरकार तैयार नहीं थी, क्योंकि किसी ने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा संकट आएगा। इसलिए परिस्थितियां सामान्य करने में वक्त लग रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार या रविवार को नेशनल हाईवे शुरू हो जाएगा।