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जम्मू-कश्मीर में पस्सियां गिरने पर दिन में कई बार बंद हुआ राजमार्ग, कई इलाकों में लगा रहा जाम
Sun, 13 Oct 2019 12:49 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 13 Oct 2019 12:49 AM IST
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रामबन में पस्सियां गिरने से हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में रामबन के मेहाड़ इलाके में राजमार्ग पर पस्सियां गिरने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। दिन में कई बार पस्सियां राजमार्ग पर गिरी और फिर वाहनों की आवाजाही को रोकना पड़ा। राजमार्ग के खुलने पर भी जाम की स्थिति बनी रही। जाम के कारण रामबन जाने वाले विद्यार्थियों व सरकारी कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम से शुक्रवार शाम तक करीब 23 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा था। शुक्रवार शाम को राजमार्ग खुलने पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी तो जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। शनिवार सुबह वाहनों की आवाजाही जारी रही, लेकिन बीच बीच में पस्सी गिरने पर राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोकना पड़ा। जब पस्सी गिरती तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती और राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी राजमार्ग को खोलने के काम में जुट जाती।
इसी तरह से दिन में कई बार राजमार्ग बंद हुआ और फिर इसको खोला गया। इसी कारण रामबन शहर व आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजारी बुरी तरह से प्रभावित रही। रामबन में सुबह से शाम तक वाहनों को रेंग रेंग कर चलते हुए देखा गया। इसी कारण स्कूल व कालेज के विद्यार्थी देरी से शिक्षण संस्थानों में पहुंचे और इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को भी देरी से पहुंचना पड़ा।
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जाम में फंसने के कारण जब वाहन नहीं चले तो लोग मजबूरन पैदल की अपने गंतव्य की तरफ जाने लगे। इसका असर उधमपुर में भी देखने को मिला। घाटी जाने वाले ट्रकों को दिन भर उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में रोक कर रखा गया। दिन भर चालक आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके अनुमति नहीं मिली। सुविधाएं न मिलने के कारण चालकों को दिन भर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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गौरतलब है कि गुरुवार शाम से शुक्रवार शाम तक करीब 23 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा था। शुक्रवार शाम को राजमार्ग खुलने पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी तो जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। शनिवार सुबह वाहनों की आवाजाही जारी रही, लेकिन बीच बीच में पस्सी गिरने पर राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोकना पड़ा। जब पस्सी गिरती तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती और राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी राजमार्ग को खोलने के काम में जुट जाती।
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इसी तरह से दिन में कई बार राजमार्ग बंद हुआ और फिर इसको खोला गया। इसी कारण रामबन शहर व आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजारी बुरी तरह से प्रभावित रही। रामबन में सुबह से शाम तक वाहनों को रेंग रेंग कर चलते हुए देखा गया। इसी कारण स्कूल व कालेज के विद्यार्थी देरी से शिक्षण संस्थानों में पहुंचे और इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को भी देरी से पहुंचना पड़ा।
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जाम में फंसने के कारण जब वाहन नहीं चले तो लोग मजबूरन पैदल की अपने गंतव्य की तरफ जाने लगे। इसका असर उधमपुर में भी देखने को मिला। घाटी जाने वाले ट्रकों को दिन भर उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में रोक कर रखा गया। दिन भर चालक आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके अनुमति नहीं मिली। सुविधाएं न मिलने के कारण चालकों को दिन भर परेशानियों का सामना करना पड़ा।