J&K: घाटी में हिंसा से राज्य परिवहन निगम को हो रहा है बड़ा नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर लोकसभा सीट के मतदान में हुए तांडव ने राज्य परिवहन निगम को तगड़ा नुकसान किया है। एसआरटीसी को एक दिन में इतना नुकसान हुआ, जितना कश्मीर में आतंकवाद के दौरान भी नहीं हुआ। चुनाव में तैनात सुरक्षा और स्टाफ कर्मियों को ले जाने वाली बसों पर उपद्रवियों ने जोरदार हल्ला बोला है। इससे निगम को तगड़ा नुकसान है।
एक तरफ पहले से ही एसआरटीसी के खाते में बहुत कम बसें बची है। दूसरी तरफ ताजा हिंसा में बसों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार मतदान के लिए लगाई 60 बसों के उपद्रवियों ने शीशे तोड़ डाले।
पांच बसों को पूरी तरह से फूंक डाला और पंद्रह चालकों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। इन चालकों में दो चालक जम्मू के भी हैं। जम्मू से गई एसआरटीसी की तीन दर्जन बसों को निशाना बनाया गया। यह बसें चुनाव में शामिल सुरक्षा कर्मियों को लेकर गई हुई थी।
अमरनाथ यात्रा के दौरान भी बसों पर हुआ था पथराव
साथ ही चुनाव में तैनात अन्य कर्मियों को भी एसआरटीसी की बसों के जरिए पहुंचाया गया। जैसे ही मतदान होने वाला था। उसके ठीक पहले उपद्रवी पहुंच गए और हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने बसों को फूंक डाला और पथराव कर दिया। पिछले वर्ष भी अमरनाथ यात्रा के दौरान एसआरटीसी की बसों पर पथराव किया गया।
इसमें बसों को काफी क्षति पहुंची। लेकिन इस बार तो यात्रा शुरू होने के पहले ही बसों को निशाना बना दिया। पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों को ले जाने वाले करीब 300 वाहनों को पत्थरबाजों ने निशाना बनाया था।
वहीं आरएसटीसी वर्कर यूनियन ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। यूनियन के महासचिव जनक राज का कहना है कि उपद्रवियों का हमला चिंताजनक है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए। सरकार इन बसों का राजस्व एसआरटीसी को दे।