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भारत की भाषाई विविधता ही हमारी श्रेष्ठता का प्रतीक : एलजी
Sat, 20 Sep 2025 02:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:03 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। स्रोत राजभवन
- फोटो : samvad
उपराज्यपाल ने हिंदी पखवाड़े के अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में किया राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की भाषाई विविधता ही हमारी श्रेष्ठता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आगे आएं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एकजुट हो जाएं। एलजी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, श्रीनगर तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय भाषाओं में एकात्मता विषय पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि शांति और स्थिरता, एकता और साझा लक्ष्यों की भावना के साथ तथा एक सशक्त सामूहिक पहचान को बढ़ावा देते हुए, भारत मजबूत विकास हासिल करेगा। उपराज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है। यह पत्थर की लकीर है। निरंतर विकास और उत्पादकता ही भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनाएगी।हमारी युवा पीढ़ी को यह समझना होगा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक समान विचारधारा ने भाषाई मतभेदों को पार करते हुए, भाषाई सद्भाव स्थापित किया एवं राष्ट्र को एकजुट किया था।
विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे
सिन्हा ने कहा कि हमारे नीति निर्माताओं ने समावेशी विकास पर जोर दिया है और यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। एलजी ने विविध भाषाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लेखकों, विद्वानों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल भाई कोठारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर विनोद कुमार कनौजिया, संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सदस्य, प्रमुख साहित्यिक हस्तियां, विद्वान, संकाय सदस्य, एवं छात्र उपस्थित थे।
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की भाषाई विविधता ही हमारी श्रेष्ठता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आगे आएं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एकजुट हो जाएं। एलजी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, श्रीनगर तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय भाषाओं में एकात्मता विषय पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि शांति और स्थिरता, एकता और साझा लक्ष्यों की भावना के साथ तथा एक सशक्त सामूहिक पहचान को बढ़ावा देते हुए, भारत मजबूत विकास हासिल करेगा। उपराज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है। यह पत्थर की लकीर है। निरंतर विकास और उत्पादकता ही भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनाएगी।हमारी युवा पीढ़ी को यह समझना होगा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक समान विचारधारा ने भाषाई मतभेदों को पार करते हुए, भाषाई सद्भाव स्थापित किया एवं राष्ट्र को एकजुट किया था।
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विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे
सिन्हा ने कहा कि हमारे नीति निर्माताओं ने समावेशी विकास पर जोर दिया है और यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। एलजी ने विविध भाषाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लेखकों, विद्वानों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल भाई कोठारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर विनोद कुमार कनौजिया, संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सदस्य, प्रमुख साहित्यिक हस्तियां, विद्वान, संकाय सदस्य, एवं छात्र उपस्थित थे।
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