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Jammu News: बाहरी आयोजकों ने कश्मीर पर लगाया दाग, अब भुगतेंगे हम
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- खेल प्रेमी बोले-इस धोखे के बाद कश्मीर आने से हिचकेंगे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
अजीम यूसुफ
श्रीनगर। इंडियन हेवन प्रीमियर लीग का विवाद सामने आने के बाद से खेल प्रेमी सकते में हैं। कश्मीर की बदनामी को वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के धोखे के बाद अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कश्मीर आने से हिचकेंगे। बाहर से आए आयोजकों ने कश्मीर पर दाग लगाया। अब हमें लंबे समय तक इसका दुष्प्रभाव भुगतना होगा।
श्रीनगर के क्रिकेट खिलाड़ी वसीम अंद्राबी ने कहा कि कश्मीर के स्थानीय खिलाड़ियों को मंच देने के लिए काफी आयोजन हो रहे हैं। सेना और पुलिस ने भी सफल आयोजन किए हैं। कुछ निजी प्रतियोगिताएं भी यहां हुई हैं। इंडियन हेवन प्रीमियर लीग काफी बड़ी प्रतियोगिता थी। इसका इस तरह फेल हो जाना और आयोजकों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना काफी चिंताजनक है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को काफी हताशा हुई है।
श्रीनगर के ही वरिष्ठ क्रिकेटर हिलाल खांडे ने कहा कि कश्मीर में शानदार आयोजनों के बीच एक निजी संस्था श्रीनगर आती है और इतना बड़ा आयोजन करती है। इसे न बीसीसीआई से मान्यता थी न जम्मू-क्रिकेट एसोसिएशन ने अनुमति दी थी। फिर भी यह आयोजन हुआ और बीच में ही आयोजक इसे छोड़कर चले गए। खिलाड़ियों को अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं किया। अब अगर कोई बड़ी प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बुलाया जाएगा तो वह कैसे हम पर विश्वास करेंगे।
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शानदार आयोजनों के बीच ठगी अप्रत्याशित
श्रीनगर के खेल प्रेमी शौकत अहमद ने कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीर पर दाग लगाने वालों के नाम एफआईआर में शामिल हों। उन पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि फिर से काेई इस तरह की ठगी न करे। यहां खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स, एशियाई वुशू प्रतियोगिता, राष्ट्रीय स्कूल खेल, चिनार लीग और जनरल बिपिन रावत मेमोरियल टूर्नामेंट सहित कई शानदार आयोजन हुए हैं। इसके बीच इस तरह का मामला खटक रहा है। नवाकदल के खेल प्रेमी जावेद मीर ने कहा कि स्थानीय खिलाड़ियों को मंच देने के नाम पर शुरू की गई प्रतियोगिता व्यावसायिक बन गई और फिर आयोजकों पर धोखाधड़ी के आरोप। यह बेहद निराशाजनक है। पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कश्मीर के खेल जगत के लिए शर्म की बात : अल्ताफ ठाकुर
श्रीनगर। भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इंडियन हेवन प्रीमियर लीग में घोटाले को कश्मीर के खेल जगत के लिए शर्म की बात बताया। सोमवार को ठाकुर ने कहा कि आयोजकों के बीच में ही भाग जाने और स्थानीय कश्मीरियों जिनमें ग्राउंड स्टाफ, अंपायर और सेवा प्रदाता शामिल हैं को भुगतान न मिलने की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।
इस मामले से कुप्रबंधन, छल और धोखाधड़ी की बू आ रही है। बिना उचित सहमति और अनुमोदन के सरकारी स्वामित्व वाले परिसर में इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे दी गई। क्या खेल मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी। अगर अनुमति नहीं दी गई थी तो आयोजकों को बख्शी स्टेडियम में कब्जा करने की अनुमति किसने दी। टूर्नामेंट के आयोजकों की पहचान की जानी चाहिए। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह केवल बकाया राशि का भुगतान न करने का मामला नहीं है। यह हमारे युवाओं और नेकनीयती से काम करने वाले हर कश्मीरी की गरिमा का अपमान है। ठाकुर ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि खिलाड़ियों और अंपायरों से लेकर विक्रेताओं और ग्राउंड स्टाफ तक सेवाएं प्रदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को तुरंत उनका उचित भुगतान किया जाए। ब्यूरो
पीडीपी नेता ने की खेल मंत्री के इस्तीफे की मांग
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता मोहम्मद रफीक राथर ने आईएचपीएल के आयोजकों की धोखाधड़ी पर गंभीर चिंता और दुख व्यक्त किया है। सोमवार को राथर ने कहा कि इस धोखे ने न केवल कश्मीर की छवि को धूमिल किया है बल्कि युवा महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों का विश्वास भी तोड़ दिया है, जिन्हें उचित अवसर और वैध भुगतान का वादा किया गया था। राथर ने आरोप लगाया कि इस टूर्नामेंट का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने किया और खेल मंत्री सतीश शर्मा ने भी स्टेडियम का दौरा किया। आयोजकों की साख की उचित जांच के बिना लीग को कैसे आयोजित होने दिया गया। वर्तमान सरकार को कम से कम इस बड़े घोटाले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि अन्यथा सब कुछ उपराज्यपाल कार्यालय के हाथ में है। इतना बड़ा घोटाला होने देने के लिए खेल मंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। इस आयोजन से जुड़े सैकड़ों लोगों जिनमें सुरक्षाकर्मी, ग्राउंड स्टाफ, कैटरिंग कर्मचारी, कमेंटेटर, ढोल बजाने वाले और मजदूर शामिल हैं, को बिना वेतन के छोड़ दिया जाना बेहद निराशाजनक है। ब्यूरो
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अजीम यूसुफ
श्रीनगर। इंडियन हेवन प्रीमियर लीग का विवाद सामने आने के बाद से खेल प्रेमी सकते में हैं। कश्मीर की बदनामी को वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के धोखे के बाद अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कश्मीर आने से हिचकेंगे। बाहर से आए आयोजकों ने कश्मीर पर दाग लगाया। अब हमें लंबे समय तक इसका दुष्प्रभाव भुगतना होगा।
श्रीनगर के क्रिकेट खिलाड़ी वसीम अंद्राबी ने कहा कि कश्मीर के स्थानीय खिलाड़ियों को मंच देने के लिए काफी आयोजन हो रहे हैं। सेना और पुलिस ने भी सफल आयोजन किए हैं। कुछ निजी प्रतियोगिताएं भी यहां हुई हैं। इंडियन हेवन प्रीमियर लीग काफी बड़ी प्रतियोगिता थी। इसका इस तरह फेल हो जाना और आयोजकों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना काफी चिंताजनक है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को काफी हताशा हुई है।
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श्रीनगर के ही वरिष्ठ क्रिकेटर हिलाल खांडे ने कहा कि कश्मीर में शानदार आयोजनों के बीच एक निजी संस्था श्रीनगर आती है और इतना बड़ा आयोजन करती है। इसे न बीसीसीआई से मान्यता थी न जम्मू-क्रिकेट एसोसिएशन ने अनुमति दी थी। फिर भी यह आयोजन हुआ और बीच में ही आयोजक इसे छोड़कर चले गए। खिलाड़ियों को अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं किया। अब अगर कोई बड़ी प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बुलाया जाएगा तो वह कैसे हम पर विश्वास करेंगे।
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शानदार आयोजनों के बीच ठगी अप्रत्याशित
श्रीनगर के खेल प्रेमी शौकत अहमद ने कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीर पर दाग लगाने वालों के नाम एफआईआर में शामिल हों। उन पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि फिर से काेई इस तरह की ठगी न करे। यहां खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स, एशियाई वुशू प्रतियोगिता, राष्ट्रीय स्कूल खेल, चिनार लीग और जनरल बिपिन रावत मेमोरियल टूर्नामेंट सहित कई शानदार आयोजन हुए हैं। इसके बीच इस तरह का मामला खटक रहा है। नवाकदल के खेल प्रेमी जावेद मीर ने कहा कि स्थानीय खिलाड़ियों को मंच देने के नाम पर शुरू की गई प्रतियोगिता व्यावसायिक बन गई और फिर आयोजकों पर धोखाधड़ी के आरोप। यह बेहद निराशाजनक है। पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कश्मीर के खेल जगत के लिए शर्म की बात : अल्ताफ ठाकुर
श्रीनगर। भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इंडियन हेवन प्रीमियर लीग में घोटाले को कश्मीर के खेल जगत के लिए शर्म की बात बताया। सोमवार को ठाकुर ने कहा कि आयोजकों के बीच में ही भाग जाने और स्थानीय कश्मीरियों जिनमें ग्राउंड स्टाफ, अंपायर और सेवा प्रदाता शामिल हैं को भुगतान न मिलने की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।
इस मामले से कुप्रबंधन, छल और धोखाधड़ी की बू आ रही है। बिना उचित सहमति और अनुमोदन के सरकारी स्वामित्व वाले परिसर में इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे दी गई। क्या खेल मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी। अगर अनुमति नहीं दी गई थी तो आयोजकों को बख्शी स्टेडियम में कब्जा करने की अनुमति किसने दी। टूर्नामेंट के आयोजकों की पहचान की जानी चाहिए। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह केवल बकाया राशि का भुगतान न करने का मामला नहीं है। यह हमारे युवाओं और नेकनीयती से काम करने वाले हर कश्मीरी की गरिमा का अपमान है। ठाकुर ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि खिलाड़ियों और अंपायरों से लेकर विक्रेताओं और ग्राउंड स्टाफ तक सेवाएं प्रदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को तुरंत उनका उचित भुगतान किया जाए। ब्यूरो
पीडीपी नेता ने की खेल मंत्री के इस्तीफे की मांग
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता मोहम्मद रफीक राथर ने आईएचपीएल के आयोजकों की धोखाधड़ी पर गंभीर चिंता और दुख व्यक्त किया है। सोमवार को राथर ने कहा कि इस धोखे ने न केवल कश्मीर की छवि को धूमिल किया है बल्कि युवा महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों का विश्वास भी तोड़ दिया है, जिन्हें उचित अवसर और वैध भुगतान का वादा किया गया था। राथर ने आरोप लगाया कि इस टूर्नामेंट का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने किया और खेल मंत्री सतीश शर्मा ने भी स्टेडियम का दौरा किया। आयोजकों की साख की उचित जांच के बिना लीग को कैसे आयोजित होने दिया गया। वर्तमान सरकार को कम से कम इस बड़े घोटाले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि अन्यथा सब कुछ उपराज्यपाल कार्यालय के हाथ में है। इतना बड़ा घोटाला होने देने के लिए खेल मंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। इस आयोजन से जुड़े सैकड़ों लोगों जिनमें सुरक्षाकर्मी, ग्राउंड स्टाफ, कैटरिंग कर्मचारी, कमेंटेटर, ढोल बजाने वाले और मजदूर शामिल हैं, को बिना वेतन के छोड़ दिया जाना बेहद निराशाजनक है। ब्यूरो