अलगाववादी चेतावनी से नहीं डरी, 30 लड़कियों ने उठाया कदम
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कश्मीर के अलगाववादी महिला संगठन दख्तरन-ए-मिल्लत की चेतावनी के बावजूद श्रीनगर की 30 छात्राओं का एक ग्रुप आर्मी के 10 दिनों के स्पांसर शैक्षिक टूर के लिए रविवार को दिल्ली और आगरा के लिए रवाना हो गया।
5 दिन पहले दख्तरन-ए-मिल्लत की चीफ आशिया अंद्राबी ने अभिभावकों से अपील की थी कि वो अपनी बच्चियों को इस टूर पर ना भेजें।
आर्मी के प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर के स्कूलों से 30 लड़कियों का ग्रुप शैक्षिक टूर के लिए दिल्ली और आगरा शनिवार को रवाना हुआ है। युवाओं में बेहतर शिक्षा और महिला सशिक्तकरण के लिए ये टूर आर्मी द्वारा आयोजित किया गया था।
पांच दिन पहले ही डीईएम की चीफ आशिया अंद्राबी ने कहा था कि ये बेहद शर्मनाक और खेदजनक है कि अभिभावक अपनी 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को आर्मी के टूर पर भेज रहे हैं। आशिया ने कहा था कि वो ऐसे अभिभावकों से अपील नहीं बल्कि चेतावनी दे रही हैं कि वो अपने बच्चों को इस टूर पर ना भेंजे।
दिल्ली और आगरा घूमेंगी लड़कियां
10 दिनों के इस टूर में बच्चों को देश की विविध सांस्कृतिक, सामाजिक-आर्थिक और ऐतिहासिक आयामों से रू-ब-रू कराया जाएगा। शनिवार को बादामी बाग कैंटोनमेंट से 31 सब एरिया कमाडंर के मेजर जनरल मुकेश कुमार ने बच्चों को फ्लेग ऑफ किया।
बच्चों के साथ दो शिक्षिकाओं समेत आर्मी के लोग और उनकी पत्नियां साथ गई हैं। इस टूर में बच्चों को आईआईटी दिल्ली, दिल्ली यूनिवर्सिटी, मिरांडा हाउस, जीजस एंड मेरी कॉलेज ओर मौलाना आजाद कॉलेज का दौरा भी कराया जाएगा।
इसी के साथ बच्चों को कुतुब मीनार, हुमांयु का मकबरा, लाल किला, ताज महल, आगरा किला, रेल म्यूजियम जैसी एतिहासिक जगहों पर भी ले जाया जाएगा।
इसी के साथ बच्चों को आर्मी के कई ऑफिसर्स, गणमान्य व्यक्तियों सहित कई कॉलेजों के स्टूडेंटस से भी बातचीत करने का मौका मिलेगा।
इससे विचारों का आदान-प्रदान होने में सहायता मिलेगी। प्रवक्ता ने कहा कि फ्लैग ऑफ के समय बच्चों के अभिभावक, परिजन, प्रधानाचार्य और शिक्षक इस मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने आर्मी की इस गतिविधि की खुलकर तारीफ की।