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Jammu News: घाटी में मां दुर्गा और श्रीराम का जयघोेष, उड़ा अबीर-गुलाल
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Effigies of Ravan are burned on the occasion of Hindu Festival Dussehra in Srinagar
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- श्रीनगर और गांदरबल में कश्मीरी पंडितों के साथ विभिन्न समुदाय के लोगों ने मनाया दहशरा
- बंगाली समुदाय के लोगों ने लालचौक पर निकाली मूर्ति विसर्जन यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। इस साल भी घाटी में वीरवार को दशहरे का पर्व धूमधाम सेे मनाया गया। विजयदशमी के शुभ अवसर पर कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के साथ ही अन्य संगठनों के लोगों ने श्रीनगर सेे लेकर गांदरबल तक देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी। दोपहर बाद मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन हुआ। जमकर अबीर और गुलाल उड़ा।
लाल चौक पर बंगाली समिति के लोगोंं ने गुलाल उड़ाते हुए जुलूस निकालकर बंगाली विधि से देवी की प्रतिमा का विसर्जन किया। जय मां दुर्गा और जय श्रीराम के जयघोष से घाटी गूंज उठी। कश्मीर में दशहरे का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। श्रीनगर और गांदरबल स्थित माता खीर भवानी मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया।
कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति 2007 से श्रीनगर में दशहरा उत्सव का आयोजन कर रही है। समिति के मोहित भान ने कहा कि कानून-व्यवस्था बेहतर होने के बाद वह पिछले तीन साल से काफी उत्साह से दशहरा मना रहे हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस उत्सव में इस बार मुस्लिम समुदाय से भी काफी लोग शामिल हुए।
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कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के ही संदीप ने कहा कि सुबह से ही जश्न का माहौल है। हिंदू परिवारों के साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोग भी पर्व में शामिल हुए हैं। आयोजन को भव्यता देने में उनका प्रमुख योगदान रहा है। वहीं श्रीनगर शहर में लाल चौक वह अगल-बगल के बाजारों में स्थित स्वर्णाभूषण की दुकानोंं पर काम करने वाले बंगाली समुदाय के कारीगरों ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली। जुलूस निकाला।
जय मां दुर्गा के जयघोेष के बीच नाचते-गाते श्रद्धालुओंं को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। महिलाओं ने विदेशी पर्यटकों को गुलाल लगाया। बंगाली समिति के सदस्य सुशांत ने बताया कि श्रीनगर शहर में 2024 से अपने पश्चिम बंगाल की तरह दुर्गोत्सव मना रहे हैं। सनातन सभा शिव मंदिर से निकला जुलूस महाराजा बाजार, घंटाघर लालचौक होते हुए मीरा कदल पर जाकर मूर्ति विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन एवं स्थानीय विधायक के सहयोग के लिए आभार जताया।
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वर्षों बाद खीर भवानी माता मंदिर में मनाया गया दशहरा
गांदरबल। खीर भवानी माता मंदिर में वीरवार को दशहरा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सैकड़ों कश्मीरी पंडित पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए यहां इकट्ठा हुए।
गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल भी उत्सव में शामिल हुए। खुशी व्यक्त करते हुए एक कश्मीरी पंडित श्रद्धालु ने कहा कि वर्षों बाद हमने खीर भवानी माता मंदिर में दशहरा मनाया। सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाएं काफी अच्छी थीं। जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए प्रार्थना की। स्थानीय मुस्लिम निवासी शफात ने कहा कि आज हम अपने कश्मीरी पंडित भाइयों के साथ दशहरा मना रहे हैं। कई साल बाद यहां फिर से यह त्योहार मनाया गया।
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- बंगाली समुदाय के लोगों ने लालचौक पर निकाली मूर्ति विसर्जन यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। इस साल भी घाटी में वीरवार को दशहरे का पर्व धूमधाम सेे मनाया गया। विजयदशमी के शुभ अवसर पर कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के साथ ही अन्य संगठनों के लोगों ने श्रीनगर सेे लेकर गांदरबल तक देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी। दोपहर बाद मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन हुआ। जमकर अबीर और गुलाल उड़ा।
लाल चौक पर बंगाली समिति के लोगोंं ने गुलाल उड़ाते हुए जुलूस निकालकर बंगाली विधि से देवी की प्रतिमा का विसर्जन किया। जय मां दुर्गा और जय श्रीराम के जयघोष से घाटी गूंज उठी। कश्मीर में दशहरे का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। श्रीनगर और गांदरबल स्थित माता खीर भवानी मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया।
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कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति 2007 से श्रीनगर में दशहरा उत्सव का आयोजन कर रही है। समिति के मोहित भान ने कहा कि कानून-व्यवस्था बेहतर होने के बाद वह पिछले तीन साल से काफी उत्साह से दशहरा मना रहे हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस उत्सव में इस बार मुस्लिम समुदाय से भी काफी लोग शामिल हुए।
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कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के ही संदीप ने कहा कि सुबह से ही जश्न का माहौल है। हिंदू परिवारों के साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोग भी पर्व में शामिल हुए हैं। आयोजन को भव्यता देने में उनका प्रमुख योगदान रहा है। वहीं श्रीनगर शहर में लाल चौक वह अगल-बगल के बाजारों में स्थित स्वर्णाभूषण की दुकानोंं पर काम करने वाले बंगाली समुदाय के कारीगरों ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली। जुलूस निकाला।
जय मां दुर्गा के जयघोेष के बीच नाचते-गाते श्रद्धालुओंं को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। महिलाओं ने विदेशी पर्यटकों को गुलाल लगाया। बंगाली समिति के सदस्य सुशांत ने बताया कि श्रीनगर शहर में 2024 से अपने पश्चिम बंगाल की तरह दुर्गोत्सव मना रहे हैं। सनातन सभा शिव मंदिर से निकला जुलूस महाराजा बाजार, घंटाघर लालचौक होते हुए मीरा कदल पर जाकर मूर्ति विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन एवं स्थानीय विधायक के सहयोग के लिए आभार जताया।
वर्षों बाद खीर भवानी माता मंदिर में मनाया गया दशहरा
गांदरबल। खीर भवानी माता मंदिर में वीरवार को दशहरा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सैकड़ों कश्मीरी पंडित पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए यहां इकट्ठा हुए।
गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल भी उत्सव में शामिल हुए। खुशी व्यक्त करते हुए एक कश्मीरी पंडित श्रद्धालु ने कहा कि वर्षों बाद हमने खीर भवानी माता मंदिर में दशहरा मनाया। सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाएं काफी अच्छी थीं। जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए प्रार्थना की। स्थानीय मुस्लिम निवासी शफात ने कहा कि आज हम अपने कश्मीरी पंडित भाइयों के साथ दशहरा मना रहे हैं। कई साल बाद यहां फिर से यह त्योहार मनाया गया।