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Jammu News: एएसी के दफ्तर के बाहर से उतारे गए साइन बोर्ड

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भाजपा ने किया फैसले का स्वागत, मसरूर बोले-हमारा आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं था
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। केंद्र गृह मंत्रालय की तरफ से आवामी एक्शन कमेटी (एएसी) और जम्मू कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद बुधवार को दोनों संगठन के दफ्तरों से साइन बोर्ड हटाए गए हैं। साथ ही दफ्तर के बाहर सुरक्षा का पहरा बढ़ा दिया है। भाजपा ने कहा कि नए भारत में आतंकवाद और आतंकवाद का समर्थन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। ये दानों पार्टियां हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस का हिस्सा थीं, जिन्होनें कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा।
मसरूर ने कहा हमारा आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं था, न हमने काफी ऐसा कुछ किया जिससे यहां कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो।
जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के साथ कार्यालय से साइन बोर्ड हटा दिया गया है। श्रीनगर के डाउनटाउन के राजोरी कदल इलाके में स्थित आवामी एक्शन कमेटी के कार्यालय पर केंद्र सरकार ने 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। अरोप है मीरवाइज की अध्यक्षता में चलाई जा रही आवामी एक्शन कमेटी गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए जम्मू कश्मीर में काम कर रही थी।
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मीरवाइज उमर फारूक आवामी एक्शन कमेटी और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन हैं। मीरवाइज मंजिल ने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट किया कि यह उन लोगों के लिए बेहद निराशाजनक है जो मस्जिद सैयद बिलाल रूमी राजोरी कदल में मीरवाइज के 11वें रमजान के खुतबे को सुनने के लिए उत्सुक थे। मीरवाइज को उनके निगीन स्थित आवास से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के पूर्व चेयरमैन रहे मौलवी अब्बास अंसारी की जम्मू कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन पार्टी को भी इन्ही आरोपों के चलते उसपर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस पार्टी को वर्तमान में मौलवी अब्बास अंसारी के बेटे मसरूर अब्बास अंसारी चला रहे हैं। मसरूर ने कहा, जो यूएपीए के तहत संगठन पर कार्रवाई की गई है यह इन्साफ से परे है। हमारा आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं था।

अगर जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट जाएंगे। गृह मंत्रालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा ने कहा जम्मू कश्मीर में किसी भी हाल में आतंकवाद को अब पनपने नहीं दिया जाएगा। भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा यह दोनों संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का हिस्सा हैं, जिस हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद का समर्थन किया था। पत्थरबाजी कराई, हड़ताल के कैलेंडर निकाले और पाकिस्तान का नापाक डिजाइन को बढ़ावा दिया था। पीडीपी पर निशाना साधते हुए अल्ताफ ने कहा जिनका एजेंडा हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमात ए इस्लामी जैसा हो वो इसका समर्थन करेंगे।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब तक कई ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है जिन पर कश्मीर में टेरर फंडिंग और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। इनमें जमात ए इस्लामी, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस, यासीन मलिक की जेकेएलएफ, शब्बीर शाह और मसर्रत आलम की मुस्लिम लीग शामिल है।
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