{"_id":"6aa5c466abcf90372a007046","slug":"sports-news-jammu-news-c-10-jam1024-1011096-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिंग में मुक्के, जिंदगी में हौसला : बॉक्सिंग से सपनों को पंख दे रहीं बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिंग में मुक्के, जिंदगी में हौसला : बॉक्सिंग से सपनों को पंख दे रहीं बेटियां
विज्ञापन
-घर की जिम्मेदारियों के साथ खेल में आगे बढ़ रहीं युवा खिलाड़ी, दिसंबर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की कर रहीं तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। वे बॉक्सिंग रिंग में उतरकर अपनी शारीरिक और मानसिक मजबूती का परिचय दे रही हैं। साथ ही अन्य लड़कियों को भी अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
बख्शी नगर की 24 वर्षीय मंशु, गंग्याल की 19 वर्षीय लक्की और तालाब तिल्लो की 16 वर्षीय रिधम ने बॉक्सिंग में अपनी पहचान बनाई है। यह सफर इतना आसान नहीं था। कई चुनौतियां और बाधाएं रास्ते में आईं मगर इन्होंने इनकी परवाह नहीं की और आगे बढ़ती रहीं। बॉक्सिंग के जरिए न केवल अपने सपनों को पूरा कर रही हैं, बल्कि अन्य लड़कियों को भी आगे बढ़ने को लिए प्रेरित कर रही हैं। तीनों खिलाड़ी दिसंबर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि सीखने और आगे बढ़ने के लिए कभी देर नहीं होती और किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है।
-- -- -
बॉक्सिंग ने आत्मविश्वास भरा
रजत पदक जीतने की खुशी है। पिता जी ने बॉक्सिंग के लिए प्रेरित किया। घर की जिम्मेदारियों के साथ खेल में भी आगे बढ़ती रहीं। भविष्य में सेल्फ डिफेंस के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। लड़कियों को मजबूत बनना चाहिए। बॉक्सिंग से मुझमें आत्मविश्वास बढ़ा है।
विज्ञापन
-मंशु देवी, बख्शीनगर
-- -- -
हर लड़की खेल और सेल्फ डिफेंस सीखे
गंग्याल की 19 वर्षीय लकी ने कहा कि वह एक साल से बॉक्सिंग सीख रही हैं। उनके माता-पिता फैक्टरी में काम करते हैं और उनके दो छोटे भाई हैं। पिता ने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित किया है। लकी ने कहा, शुरुआत में डर लगता है, लेकिन धीरे-धीरे सारा डर खत्म हो जाता है। हर लड़की को खेल और सेल्फ डिफेंस जरूर सीखना चाहिए।
-- -- -
पिता ने मुझे खेल के लिए किया प्रेरित
तालाब तिल्लो की रिधम शर्मा ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत और जिला स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है। उनके पिता ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं और उन्होंने ही मुझे खेल के लिए प्रेरित किया। रिधम ने कहा, बॉक्सिंग से शरीर ही नहीं, बल्कि इंसान मानसिक रूप से भी बहुत मजबूत बनता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। वे बॉक्सिंग रिंग में उतरकर अपनी शारीरिक और मानसिक मजबूती का परिचय दे रही हैं। साथ ही अन्य लड़कियों को भी अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
बख्शी नगर की 24 वर्षीय मंशु, गंग्याल की 19 वर्षीय लक्की और तालाब तिल्लो की 16 वर्षीय रिधम ने बॉक्सिंग में अपनी पहचान बनाई है। यह सफर इतना आसान नहीं था। कई चुनौतियां और बाधाएं रास्ते में आईं मगर इन्होंने इनकी परवाह नहीं की और आगे बढ़ती रहीं। बॉक्सिंग के जरिए न केवल अपने सपनों को पूरा कर रही हैं, बल्कि अन्य लड़कियों को भी आगे बढ़ने को लिए प्रेरित कर रही हैं। तीनों खिलाड़ी दिसंबर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि सीखने और आगे बढ़ने के लिए कभी देर नहीं होती और किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है।
विज्ञापन
बॉक्सिंग ने आत्मविश्वास भरा
रजत पदक जीतने की खुशी है। पिता जी ने बॉक्सिंग के लिए प्रेरित किया। घर की जिम्मेदारियों के साथ खेल में भी आगे बढ़ती रहीं। भविष्य में सेल्फ डिफेंस के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। लड़कियों को मजबूत बनना चाहिए। बॉक्सिंग से मुझमें आत्मविश्वास बढ़ा है।
विज्ञापन
-मंशु देवी, बख्शीनगर
हर लड़की खेल और सेल्फ डिफेंस सीखे
गंग्याल की 19 वर्षीय लकी ने कहा कि वह एक साल से बॉक्सिंग सीख रही हैं। उनके माता-पिता फैक्टरी में काम करते हैं और उनके दो छोटे भाई हैं। पिता ने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित किया है। लकी ने कहा, शुरुआत में डर लगता है, लेकिन धीरे-धीरे सारा डर खत्म हो जाता है। हर लड़की को खेल और सेल्फ डिफेंस जरूर सीखना चाहिए।
पिता ने मुझे खेल के लिए किया प्रेरित
तालाब तिल्लो की रिधम शर्मा ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत और जिला स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है। उनके पिता ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं और उन्होंने ही मुझे खेल के लिए प्रेरित किया। रिधम ने कहा, बॉक्सिंग से शरीर ही नहीं, बल्कि इंसान मानसिक रूप से भी बहुत मजबूत बनता है।