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Jammu News: गणेश चतुर्थी पर सजे बाजार, 13 फीट के गणपति बने आकर्षण का केंद्र
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-मिश्रीवाला, दोमाना और मुट्ठी में प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे कारीगर
मिश्रीवाला। गणेश चतुर्थी को लेकर मिश्रीवाला, दोमाना और मुट्ठी में श्रद्धालुओं और कारीगरों में उत्साह है। विभिन्न स्थानों पर कारीगर दिन-रात भगवान गणेश की आकर्षक और भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। सड़कों के किनारे सजाई गई गणेश जी की रंग-बिरंगी और विविध आकृतियां राहगीरों और श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। कारीगरों ने मूर्तियों को पारंपरिक सजावट, सुंदर वस्त्रों और आकर्षक रंगों से सजाया है। बाजार में छोटी मूर्तियों से लेकर विशालकाय प्रतिमाओं तक की भारी मांग है, जिसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार और डिजाइन की मूर्तियां तैयार की गई हैं।
मुट्ठी में सड़क किनारे प्रतिमाएं बना रहे राजस्थान कालू राम ने बताया कि मूर्तियों को बनाने में मुख्य रूप से प्राकृतिक मिट्टी, टिकाऊ रंग और पारंपरिक सजावटी सामग्रियों का उपयोग किया गया है। प्रतिमा का ढांचा तैयार होने के बाद उसकी बारीकी से रंगाई और सजावट की जाती है। पूरी तरह तैयार होने के बाद इन्हें विभिन्न पूजा समितियों और व्यक्तिगत श्रद्धालुओं को सौंप दिया जाता है। उनके कहा कि 50 रुपये से लेकर 16 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। इस बार उनके द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा 13 फीट ऊंची है, जो लोगों के बीच मुख्य आकर्षण बनी हुई है। संवाद
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मिश्रीवाला। गणेश चतुर्थी को लेकर मिश्रीवाला, दोमाना और मुट्ठी में श्रद्धालुओं और कारीगरों में उत्साह है। विभिन्न स्थानों पर कारीगर दिन-रात भगवान गणेश की आकर्षक और भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। सड़कों के किनारे सजाई गई गणेश जी की रंग-बिरंगी और विविध आकृतियां राहगीरों और श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। कारीगरों ने मूर्तियों को पारंपरिक सजावट, सुंदर वस्त्रों और आकर्षक रंगों से सजाया है। बाजार में छोटी मूर्तियों से लेकर विशालकाय प्रतिमाओं तक की भारी मांग है, जिसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार और डिजाइन की मूर्तियां तैयार की गई हैं।
मुट्ठी में सड़क किनारे प्रतिमाएं बना रहे राजस्थान कालू राम ने बताया कि मूर्तियों को बनाने में मुख्य रूप से प्राकृतिक मिट्टी, टिकाऊ रंग और पारंपरिक सजावटी सामग्रियों का उपयोग किया गया है। प्रतिमा का ढांचा तैयार होने के बाद उसकी बारीकी से रंगाई और सजावट की जाती है। पूरी तरह तैयार होने के बाद इन्हें विभिन्न पूजा समितियों और व्यक्तिगत श्रद्धालुओं को सौंप दिया जाता है। उनके कहा कि 50 रुपये से लेकर 16 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। इस बार उनके द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा 13 फीट ऊंची है, जो लोगों के बीच मुख्य आकर्षण बनी हुई है। संवाद
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