एक बार गाड़ी में बैठा और 4 दिन तक रहा बेहोश
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तेज रफ्तार जिंदगी में आज भी कोई व्यक्ति हर आसान और मुश्किल सफर पैदल ही तय करे यह हजम नहीं होता। लेकिन तहसील के चप्पड़ गांव का रहने वाला अधेड़ लाल सिंह ऐसा ही व्यक्ति है।
52 साल की उम्र में वह केवल एक बार गाड़ी पर चढ़ा था। गाड़ी से वह उसका पहला और आखिरी सफर था।लाल सिंह ने बताया कि बीस वर्ष पहले वह पहली बार एक वाहन पर सफर कर किया था।
लेकिन उसे इतनी अधिक उल्टियां हुईं कि तीन-चार दिन वह बेहोश रहा था। इसके लिए वाहन से वह उसका पहला और अंतिम सफर साबित हुआ।
हर रोज चलते 40 किमी पैदल
इस सफर के बाद हई उल्टियों के कारण उसने प्रण कर लिया कि चाहे जितनी इमरजेंसी हो, लेकिन वह वाहन पर नहीं चढ़ेगा।
तब से वह कहीं भी पैदल ही सफर करता है। उसने बताया कि हर रोज वह औसतन 35 से 40 किलोमीटर का सफर करता है। लाल सिंह की माने तो जम्मू, हिमाचल, कठुआ, बनी, बटोत व अन्य जगहों पर भी वह पैदल ही गया है।
लंबे सफर के लिए वह सुबह चार बजे उठकर अपने गंतव्य की ओर निकल पड़ता है। रास्ते के लिए खाना भी अपने साथ घर से ही ले लेता है।
उसने यह भी कहा कि सरकारी नौकरी भी सिफ इसलिए ही नहीं की क्योंकि उसका सफर गाड़ी से होता जो उसे मंजूर नहीं था।