मसर्रत विवाद को लंबा खींचने की साजिश
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पाकिस्तानी झंडा लहराने के मामले में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम की गिरफ्तारी को लेकर घाटी में उत्पन्न तनाव को लंबे समय तक खींचने की अलगाववादियों ने साजिश रची है। खुफिया एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि इस मुद्दे पर घाटी में अधिक दिनों तक तनाव फैलाने की अलगाववादियों ने चाल चली है।
इसके लिए घाटी में बंद और धरना-प्रदर्शन का लंबा सिलसिला जारी रखा जाए, ताकि एक बार फिर कश्मीर समस्या पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट कराने में सफल हो सकें। साथ ही कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों को झटका दिया जा सके।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि मसर्रत की गिरफ्तारी को कश्मीरी समुदाय में भुनाने के लिए ही पूरी घाटी में उपद्रव की अलगाववादियों ने सोची-समझी साजिश रची है। इसके लिए अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में अलग-अलग दिन बंद और प्रदर्शन कर तनाव पैदा करने की कोशिश की जाएगी।
अलगाववादियों की हरकतों पर नजर
अलगाववादियों को पाक समर्थित आतंकियों की शह मिलने के बाद उन्होंने पूरी घाटी में इस प्रकार के धरना-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का प्लान तैयार किया है। यही वजह है कि मसर्रत की गिरफ्तारी के बाद हुर्रियत और अन्य अलगाववादी संगठनों ने अलग-अलग इलाकों में बंद की घोषणा की है।
इस बीच जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के घाटी में अलगाववादियों को पाकिस्तानी सरकार के समर्थन संबंधी हालिया बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पूरी घाटी में चौकसी बरतने की हिदायत के साथ ही अलगाववादियों से सख्ती से पेश आने को कहा गया है।
प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अलगाववादियों की हरकतों पर नजर रखने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में श्रीनगर में रियासत का दरबार होगा। ऐसे में अलगाववादी कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर रियासती सरकार कोई फैसला न ले, इसके लिए दबाव बनाने की खातिर घाटी के माहौल को खराब कर सकते हैं।
स्वामी अग्निवेश के साथ आने के बाद कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का विरोध कर रहे यासीन मलिक और अन्य अलगाववादियों को बल मिला है।
रियासत के उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह का कहना है कि सरकार पूरी तरह सतर्क है। हर पहलु पर पैनी निगाह रखी गई है। रियासत का अमन-चैन खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए भी सरकार संकल्पित है।