पढ़िए पाक की 'नापाक' हरकतों का पूरा लेखा-जोखा
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संघर्ष विराम होने के बाद पाकिस्तान ने 2006 में तीन साल के बाद ही संघर्ष विराम की उल्लंघना शुरू कर दी। यह सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। साल दर साल पाक की हिमाकत बढ़ती ही गई। पिछले दो साल से तो इसकी हद ही हो गई है।
वर्ष 2014 में 562 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हुई। इसमें 410 बार आईबी और 152 बार एलओसी पर। इनमें पांच जवान और 14 भारतीय नागरिक मारे गए। 150 लोग घायल हो गए।
इससे पहले 2013 में 347 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हुई। 199 बार एलओसी और 148 बार आईबी। इसमें 12 जवानों की जान गई। 2012 में 114 इसमें 93 बार एलओसी और 21 बार आईबी, इसमें पांच जवान और चार नागरिक मारे गए।
2011 में 62 बार उल्लंघना हुई, एलओसी पर 51 और 11 बार आईबी पर। इसमें 11 जवान शहीद हुए। 2010 में 44 बार सीजफायर तोड़ा। इसमें दो जवानों की जान गई। 2009 में 28, 2008 में 77 और 2007 में 21 और 2006 में तीन बार।
वर्ष 2015 में अब तक 210 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हो चुकी है। इसमें नौ नागरिकों की मौत हो चुकी है। 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
32 हजार लोगों को छोड़ने पड़े घर
जम्मू वर्ष 2014 में अगस्त से लेकर अक्तूबर तक हुई पाक गोलाबारी में राजोरी, पुंछ, सांबा, कठुआ और जम्मू की एलओसी और आईबी पर रहने वाले करीब 32000 लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। 2015 में अब तक 7110 लोग पाक गोलाबारी से प्रभावित हुए हैं।
सीमा पर घुसपैठ
2012 में 332 बार
2013 में 345
2014 में 268
2015 में अब तक 42
गोलाबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
सांबा
हीरानगर
अरनिया
रामगढ़
आरएस पुरा
परगवाल
बालाकोट
कानाचक