फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   special report on ceasefire violation

पढ़िए पाक की 'नापाक' हरकतों का पूरा लेखा-जोखा

Mon, 17 Aug 2015 10:56 AM IST
Updated Mon, 17 Aug 2015 10:56 AM IST
विज्ञापन
special report on ceasefire violation

संघर्ष विराम होने के बाद पाकिस्तान ने 2006 में तीन साल के बाद ही संघर्ष विराम की उल्लंघना शुरू कर दी। यह सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। साल दर साल पाक की हिमाकत बढ़ती ही गई। पिछले दो साल से तो इसकी हद ही हो गई है।

विज्ञापन


वर्ष 2014 में 562 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हुई। इसमें 410 बार आईबी और 152 बार एलओसी पर। इनमें पांच जवान और 14 भारतीय नागरिक मारे गए। 150 लोग घायल हो गए।
विज्ञापन


इससे पहले 2013 में 347 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हुई। 199 बार एलओसी और 148 बार आईबी। इसमें 12 जवानों की जान गई। 2012 में 114 इसमें 93 बार एलओसी और 21 बार आईबी, इसमें पांच जवान और चार नागरिक  मारे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


2011 में 62 बार उल्लंघना हुई, एलओसी पर 51 और 11 बार आईबी पर। इसमें 11 जवान शहीद हुए। 2010 में 44 बार सीजफायर तोड़ा। इसमें दो जवानों की जान गई। 2009 में 28, 2008 में 77 और 2007 में 21 और 2006 में तीन बार।

वर्ष 2015 में अब तक 210 बार संघर्ष विराम की उल्लंघना हो चुकी है। इसमें नौ नागरिकों की मौत हो चुकी है। 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

32 हजार लोगों को छोड़ने पड़े घर

special report on ceasefire violation

जम्मू वर्ष 2014 में अगस्त से लेकर अक्तूबर तक हुई पाक गोलाबारी में राजोरी, पुंछ, सांबा, कठुआ और जम्मू की एलओसी और आईबी पर रहने वाले करीब 32000 लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। 2015 में अब तक 7110 लोग पाक गोलाबारी से प्रभावित हुए हैं।

सीमा पर घुसपैठ
2012 में 332 बार
2013 में 345
2014 में 268
2015 में अब तक 42
गोलाबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
सांबा
हीरानगर
अरनिया
रामगढ़
आरएस पुरा
परगवाल
बालाकोट
कानाचक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed