लोकसभा अध्यक्ष: सशस्त्र बल किसी अन्य देश में राजनीतिक उथल-पुथल से भारत को प्रभावित नहीं होने देंगे
सात दिवसीय जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के दौरे पर लेह पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ने अफगानिस्तान संकट पर कहा। बोले, कुछ देशों के विस्तारवादी दृष्टिकोण से एलएसी पर पैदा हुआ तनाव, भारत सीमापार आतंकवाद व विस्तारवाद का विरोधी।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अफगानिस्तान संकट पर कहा कि हमारे सशस्त्र बल किसी अन्य देश में राजनीतिक उथल-पुथल से भारत को प्रभावित नहीं होने देंगे। भारत सभी देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था का पक्षधर है। हमें अपने सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है कि वे किसी अन्य देश (अफ गानिस्तान) में राजनीतिक उथल-पुथल से भारत को प्रभावित नहीं होने देंगे। वे लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर के सात दिवसीय दौरे पर वीरवार को लेह पहुंचे।
एलएसी पर हालिया तनाव के बारे में उन्होंने कहा कि भारत अपनी सीमाओं और लोगों की सुरक्षा करने में सक्षम है। देश विस्तारवाद और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ है। कुछ देशों के विस्तारवादी दृष्टिकोण के कारण एलएसी पर तनाव पैदा हुआ है। भारत हमेशा शांति का प्रचार करता है और अन्य देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करता है।
लद्दाख भगवान बुद्ध की भूमि है जिन्होंने शांति और सद्भाव का उपदेश दिया और भारत भी इसी का प्रचार करता है। यहां बुद्ध की भूमि लेह से हम केवल शांति और सद्भाव का संदेश देना चाहते हैं। भारत ने हमेशा सीमा पार आतंकवाद और विस्तारवाद का विरोध किया है। लेकिन यह कुछ देशों का विस्तारवादी दृष्टिकोण है जिसके कारण सीमाओं पर विवाद हुआ। भारत अपनी सीमाओं और लोगों की सुरक्षा करने में सक्षम है।
मौजूदा समय में उन्हें उम्मीद है कि सभी देश एक साथ आएंगे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत कर आतंकवाद को खत्म करने के लिए कार्ययोजना बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सशस्त्र सेनाओं पर पूरा भरोसा है। वे हर प्रकार से देश की रक्षा करने में सक्षम हैं। लोकसभा अध्यक्ष पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण के लिए संसदीय आउटरीच कार्यक्रम के हिस्से के रूप में वे एक सप्ताह की यात्रा पर हैं।
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उन्होंने कहा कि वह पंचायती राज व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। उनका पैंगांग झील और नुब्रा घाटी सहित लद्दाख क्षेत्र के दूरदराज के इलाकों का दौरा करने का कार्यक्रम है। वह पहलगाम और श्रीनगर का भी दौरा करेंगे और इन सभी जगहों के पंचायत नेताओं से बातचीत करेंगे।
भौगोलिक स्थितियों के अनुसार विकसित हो लद्दाख
लद्दाख के बारे में कहा कि इस क्षेत्र को लोगों की अपेक्षाओं और इसकी भौगोलिक स्थिति के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए। इस क्षेत्र में सबसे अधिक मांग वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की क्षमता है। कहा कि यहां के बुनियादी ढांचे को बहुत तेज गति से विकसित किया जा रहा है।
आज लद्दाख व 31 को जम्मू-कश्मीर में विशेष कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि विकेंद्रीकृत लोकतंत्र में पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की पहल के तहत यह दौरा है। लोकसभा की प्राइड द्वारा 27 अगस्त को लद्दाख व 31 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में इसके लिए विशेष कार्यक्रम होंगे।