जम्मू-कश्मीर: फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से संपत्ति हड़पने का खेल, वर्षों से फरार सोम नाथ जम्मू से गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा कश्मीर ने विस्थापितों की संपत्तियां फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और बिक्री समझौतों के जरिए हड़पने के पांच मामलों में वांछित सोम नाथ कौल को जम्मू के जानीपुर से गिरफ्तार किया है।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में विस्थापितों की संपत्ति को धोखाधड़ी से हड़पने समेत पांच मामलों में वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहे सोम नाथ कौल को क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जम्मू के जानीपुर से पकड़ा गया है। उस पर विस्थापितों की करोड़ों की संपत्तियों को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और बिक्री समझौतों के जरिए हड़पने, जालसाजी और जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के आरोप हैं।
आरोपी मूल रूप से 22-लोटस टाॅवर, बंगलूरू नॉर्थ कर्नाटक का निवासी है और वर्तमान में जम्मू के जानीपुर में रह रहा है। अधिकारियों ने कहा, सब-जज श्रीनगर की अदालत के आदेश पर ईओडब्ल्यू की एक विशेष टीम बनाई गई थी। आरोपी का सुराग लगाने के लिए कई बार ह्यू एंड क्राई नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सोमनाथ पहचान बदलकर लोगों के सामने आता था। अलग-अलग पहचान से लोगों को जमीन खरीदने के लिए तैयार करता और बाद में इन सौदों में धोखाधड़ी करता था। जांच में एजेंसी को करोड़ों की धोखाधड़ी के सुराग मिले हैं। आरोपी के खिलाफ दर्ज पांच मामले मुख्य रूप से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और जाली बिक्री समझौतों के जरिए विस्थापितों (माइग्रेंट) की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने से जुड़े हैं। धोखाधड़ी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्राइम ब्रांच के एक मामले में उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 512 के तहत उसकी अनुपस्थिति में ही चार्जशीट दाखिल की गई थी।
एक पहले से ही गिरफ्तार बड़े नेटवर्क की है आशंका
क्राइम ब्रांच ने पिछले हफ्ते एक आरोपी गुलाम मोही-उद-दीन डार निवासी जवालापोरा सैमसन बडगाम को गिरफ्तार किया गया था। वह भी इसी मामले में शामिल पाया गया था। सोम नाथ की गिरफ्तारी इन मामलों में चल रही जांच का ही हिस्सा है। जांच एजेंसी का मानना है कि सोम नाथ की गिरफ्तारी से वित्तीय धोखाधड़ी व जमीन के लेन-देन में शामिल कई और नाम सामने आ सकते हैं और यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। एसएसपी ईओडब्ल्यू श्रीनगर अब्दुल वहीद शाह ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे आर्थिक धोखेबाजों से सतर्क रहें और ऐसी किसी भी घटना की सीधी सूचना पुलिस को दें।
बृज नाथ...हृदय नाथ...तो कभी मोहन लाल बनकर ठगा
प्रवक्ता के मुताबिक, आरोपी ने अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करते हुए लोगों को जमीन खरीदने के लिए प्रेरित किया। इन पहचानों में सोम नाथ कौल, बृज नाथ भट, मोहन लाल धर और हृदय नाथ धर शामिल हैं। आरोप है कि इन्हीं अलग-अलग पहचानों के जरिए उसने करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी की। जांच में सामने आया है कि जमीन के सौदों के दौरान फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और बिक्री समझौतों का इस्तेमाल किया गया।
एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी नामों के जरिए आरोपी ने कितने जमीन सौदे किए और कितनी रकम का लेन-देन हुआ।