{"_id":"5f08c8ca8ebc3e63c03dec1d","slug":"solar-project-jammu-news-jmu2140462109","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां प्रस्तावित है दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना, इस पर टिकी हैं सबकी नजरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां प्रस्तावित है दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना, इस पर टिकी हैं सबकी नजरें
Sat, 11 Jul 2020 01:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में लॉंच हुए एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट के बाद अब लद्दाख में प्रस्तावित दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना पर नजरें टिक गई हैं। लद्दाख में एलएसी पर तनाव के बीच 7500 मेगावाट की इस परियोजना के टेंडर 31 जुलाई को खुलने हैं। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सोलर पैनल लगाने के अलावा ट्रांसमिशन लाइन भी तैयार की जानी है, जिसे राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ेंः भारत के खिलाफ चीन की बड़ी साजिश, पाकिस्तान में आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा ड्रैैगन, ये है साक्ष्य
विज्ञापन
खास बात है कि मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच किए गए प्रोजेक्ट से यह परियोजना दस गुना बड़ी है। लद्दाख में लेह जिले में 5000 और कारगिल के जंस्कार क्षेत्र में 2500 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाना है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट में चीनी निवेश रोकने को बदलाव संभव
सूत्रों ने बताया कि एलएसी पर चीन से तनाव के बीच इस परियोजना में कुछ बदलाव संभव है। सोलर पावर प्लांट के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण व सामग्री आयात होती है। इसमें चीन निर्मित सामान का बड़ा हिस्सा शामिल होता है।
यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त से पहले हो सकता है बड़ा हमला, पाकिस्तान ने रची साजिश, निशाने पर ये लोग
एलएसी पर तनाव के मद्देनजर लद्दाख में प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट में चीन के सामान और निवेश को रोकने के लिए कुछ परिवर्तन किए जा सकते हैं। ऐसे में अब 31 जुलाई तक रिक्वेस्ट फार साइट के लिए मांगी गई निविदाआें की अगली प्रक्रिया के आगे बढ़ने के भी आसार जताए जा रहे हैं।