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Jammu News: छात्राओं ने सीखे पेन-कड़े से आत्मरक्षा के दांव
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- चार जिलों की 25 छात्राओं ने आपात स्थिति में बचाव के तरीकों का किया अभ्यास
-अभियान को हर जिले, कॉलेज और शिक्षण संस्थान तक पहुंचाना एबीवीपी का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मुसीबत अचानक आती है और ऐसे समय में खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा किसी विशेष साधन की जरूरत नहीं होती। हाथ में मौजूद पेन, कड़ा या पहचान पत्र भी आत्मरक्षा में मददगार साबित हो सकते हैं।
इसी सोच के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख की ओर से रविवार को अम्फल्ला स्थित वेद मंदिर हॉल में मिशन साहसी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें सांबा, कठुआ, उधमपुर और जम्मू ग्रामीण जिलों की 25 छात्राओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सीखे। शिविर में प्रशिक्षित महिला प्रशिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रदर्शन के माध्यम से बताया गया कि आपात स्थिति में किस तरह सतर्कता और सूझबूझ के साथ अपना बचाव किया जा सकता है।
छात्राओं को पेन, कड़े, पहचान पत्र और अन्य सामान्य वस्तुओं का जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा के लिए इस्तेमाल करने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना रहा।
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युवतियोंं में आत्मविश्वास और साहस बढ़ाना है उद्देश्य
एबीवीपी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के प्रदेश सचिव सन्नक श्रीवत्स ने कहा कि मिशन साहसी केवल आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवतियों में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता विकसित करने की पहल है। हर लड़की को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। संगठन इस अभियान को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिक से अधिक जिलों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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आत्मरक्षा समय की मांग
गर्ल्स वर्किंग विस्तारक ईशा शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा आज के समय की जरूरत है। अभियान को हर जिले, कॉलेज और शिक्षण संस्थान तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में प्रदेश संयुक्त सचिव राधिका और गर्ल्स इंचार्ज अक्षी बिलोरिया भी मौजूद रहीं।
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-अभियान को हर जिले, कॉलेज और शिक्षण संस्थान तक पहुंचाना एबीवीपी का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मुसीबत अचानक आती है और ऐसे समय में खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा किसी विशेष साधन की जरूरत नहीं होती। हाथ में मौजूद पेन, कड़ा या पहचान पत्र भी आत्मरक्षा में मददगार साबित हो सकते हैं।
इसी सोच के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख की ओर से रविवार को अम्फल्ला स्थित वेद मंदिर हॉल में मिशन साहसी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें सांबा, कठुआ, उधमपुर और जम्मू ग्रामीण जिलों की 25 छात्राओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सीखे। शिविर में प्रशिक्षित महिला प्रशिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रदर्शन के माध्यम से बताया गया कि आपात स्थिति में किस तरह सतर्कता और सूझबूझ के साथ अपना बचाव किया जा सकता है।
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छात्राओं को पेन, कड़े, पहचान पत्र और अन्य सामान्य वस्तुओं का जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा के लिए इस्तेमाल करने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना रहा।
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युवतियोंं में आत्मविश्वास और साहस बढ़ाना है उद्देश्य
एबीवीपी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के प्रदेश सचिव सन्नक श्रीवत्स ने कहा कि मिशन साहसी केवल आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवतियों में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता विकसित करने की पहल है। हर लड़की को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। संगठन इस अभियान को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिक से अधिक जिलों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
आत्मरक्षा समय की मांग
गर्ल्स वर्किंग विस्तारक ईशा शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा आज के समय की जरूरत है। अभियान को हर जिले, कॉलेज और शिक्षण संस्थान तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में प्रदेश संयुक्त सचिव राधिका और गर्ल्स इंचार्ज अक्षी बिलोरिया भी मौजूद रहीं।