फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   snow of Ladakh gave the message of environmental protection to the world in Dharamsala

ग्लेशियर बचाने की अनोखी अपील: लद्दाख की बर्फ ने धर्मशाला में दुनिया को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सोनम वांगचुक ने दलाई लामा को भेंट की बर्फ

Sat, 23 Apr 2022 05:30 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लेह/ जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, लेह/ जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 23 Apr 2022 05:30 PM IST
सार

बर्फ की भेंट के विचार के पीछे पर्यावरण संरक्षण के प्रति दुनिया का ध्यान आकर्षित करना था। थ्री ईडियट फिल्म के असली रेंचो और वैश्विक स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुके सोनम वांगचुक ने बताया कि आइस स्तूप परियोजना (कृत्रिम ग्लेशियर) टीम के 23 स्वयंसेवकों ने साइकिल से खरदुंगला ग्लेशियर तक सफर किया।

विज्ञापन
snow of Ladakh gave the message of environmental protection to the world in Dharamsala
Sonam Wangchuk with Buddhist cleric Dalai Lama - फोटो : संवाद

विस्तार

लद्दाख के ग्लेशियर से चली बर्फ चार दिन का सफर तय कर बिना पिघले हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला तक पहुंच गई। इस बर्फ ने बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के लिए उपहार बनकर दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। लद्दाख में खरदुंगला दर्रे के ग्लेशियर से लाई गई यह बर्फ कृत्रिम ग्लेशियर बनाने वाले सोनम वांगचुक और उनकी 23 सदस्यीय टीम ने धर्मशाला में धर्मगुरु दलाईलामा को पृथ्वी दिवस पर आयोजित सम्मेलन में भेंट की।

विज्ञापन


बर्फ की भेंट के विचार के पीछे पर्यावरण संरक्षण के प्रति दुनिया का ध्यान आकर्षित करना था। थ्री ईडियट फिल्म के असली रेंचो और वैश्विक स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुके सोनम वांगचुक ने बताया कि आइस स्तूप परियोजना (कृत्रिम ग्लेशियर) टीम के 23 स्वयंसेवकों ने साइकिल से खरदुंगला ग्लेशियर तक सफर किया।
विज्ञापन


वहां से बर्फ का नीला हिस्सा खोजकर उसे काटा और फिर स्थानीय पश्मीना पालकों के सहयोग से लिए गए पश्मीना फाइबर में बर्फ पैक की गई। टीम ने साइकिल, इलेक्ट्रिक बाइक, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय पश्मीना का प्रयोग कर धर्मशाला तक का सफर चार दिन में तय किया। यह बर्फ इको फ्रेंडली उपायों के साथ लद्दाख से हिमाचल प्रदेश तक पहुंचाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

पश्मीना ने चार दिन सहेजे रखी खुरदुंगला की बर्फ

विश्वविख्यात पश्मीना ऊन की विशेषता का इस्तेमाल करते हुए कृत्रिम ग्लेशियर टीम ने बर्फ को लद्दाख से हिमाचल तक पहुंचाने में सफलता हासिल की। इंसुलेशन के लिए बर्फ को जिस कंटेनर में पैक किया जाना था, उसके भीतर चारों तरफ पश्मीना फाइबर लगाया गया। इको फ्रेंडली उपाय के तहत बर्फ की सख्त सिल्ली को कंटेनर में पैक किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed