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बाढ़ में बहे घरों को बनाने से रोका!
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sat, 07 Feb 2015 12:57 PM IST
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घाटी में सितंबर माह में आई भीषण बाढ़ से ज्यादा प्रभावित जवाहर नगर, इखराजपुरा और राजबाग के लोग हुए थे। शुक्रवार को उनके सब्र का बांध टूटा गया। उन्होंने श्रीनगर म्यूनिसिपल कारपोरेशन (एसएमसी) पर आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के मकानों के निर्माण में एसएमसी बाधा डाल रही है, जबकि रसूख वाले लोगों को शॉपिंग कांप्लेक्स व मॉल बनाने को जल्द अनुमति दे दी जा रही। एसएमसी के इस व्यवहार से स्थानीय लोगों में रोष है।
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मस्जिद अबु बक्कर जामिया हनफि या की इंतिजामिया कमेटी ने शुक्रवार को श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएमसी के वादों की पोल खोली। उनका कहना था कि जो एसएमसी ने बाढ़ पीड़ितों को सहायता देने के वादे किए थे, वह सब खोखले साबित होते दिख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएमसी ने बयान जारी किया था कि बाढ़ पीड़ितों को निर्माण के लिए केवल तीन दिनों के भीतर अनुमति दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा, बल्कि अनुमति देने के बजाए बाढ़ पीड़ितों का शोषण किया जा रहा है।
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उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, रसूख वाले लोगों को व्यवसाय के लिए बड़े-बड़े निर्माणों की अनुमति जल्द दी जा रही है। कमेटी के अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद ने कहा कि मकान बनाने के लिए बैंक से लोन ले लिए हैं, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं प्रदान की जा रही। गौरतलब है कि सितंबर में आई बाढ़ के बाद हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के कमिश्नर सेक्रेटरी ने आठ अक्टूबर 2014 को बयान जारी किया था कि लोगों को मकानों के निर्माण की अनुमति तीन दिनों के भीतर दी जाएगी, लेकिन आज भी लोग अनुमति के लिए इंतजार कर रहे।
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