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Jammu News: बरसात में बह गए स्मार्ट सिटी के 830 करोड़ के दावे
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सतीश वालिया
जम्मू। स्मार्ट सिटी में 830 करोड़ खर्च होने के बाद भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। रविवार को तड़के हुई भारी बारिश के बाद सुबह 10 बजे तक भी शहर के कई हिस्सों में कई फुट पानी भरा रहा।
शहर में नालियों से पानी निकासी के लिए 300 करोड़ खर्च किए गए मगर इनमें इतना कचरा भरा था कि बरसात का पानी गलियों में बहा। कृष्णा नगर नाले में में मलबा फंसने से पानी भरा रहा। इसे निकालने के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। दोपहर एक बजे तक नाले की सफाई का काम होता रहा। बनतालाब नाला भी ओवरफ्लो हुआ।
स्मार्ट सिटी में नालियों का निर्माण नए सिरे से करवाया गया है। नालियों को गहरा किया गया है। इसके बाद स्मार्ट सिटी की ओर से शहर में जल भराव न होने का दावा किया गया पर करोड़ों खर्च होने पर भी पानी की निकासी रुकी रही। नाले और नालियों के काम पर 100 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की गई है।
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11 साल बाद ओवरफ्लो हुई रणवीर नहर
रणवीर नहर में 11 साल बाद पानी ओवरफ्लो हुआ है। इसका जलस्तर 13 फीट तक पहुंच गया। नहर का पानी सड़क पर बहता नजर आया। इसके पहले 2014 में नहर ओवरफ्लो हुई थी। दोमाना, मिश्रीवाला और आसपास इलाकों में नहर का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में भी घुस गया।
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कब कितना बजट हुआ खर्च
स्मार्ट सिटी में 2018-19 में 74.50 करोड़ रुपये जारी किए गए लेकिन खर्च नहीं किए गए। 2019-20 में 52 करोड़ रुपये के व्यय के साथ 6.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 68 करोड़ रुपये जारी किए गए जिनमें से 66.18 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया। 2021-22 में 107.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जिनमें से 107.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2022-23 में 185.58 करोड़ रुपये जारी किए गए जिनमें से 180.61 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया। 2023-24 में 267.03 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 225.63 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2024-25 तक 122.46 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 138.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इन इलाकों में इस बार रही राहत
गांधी नगर, शास्त्री नगर, नानक नगर सहित आसपास इलाकों में जलभराव की स्थिति पेश नहीं आई। हर बार सबसे ज्यादा जलभराव होता था मगर इस बार नालियों में पानी की निकासी हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान पुराने शहर, जानीपुर, तालाब तिल्लो, मुट्ठी इलाकों में हुआ है।
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कोट
बरसात से पहले नाले और नालियों की सफाई करवाई गई है। उम्मीद थी कि पानी ओवरफ्लो नहीं होगा। नालियों को फिर से खोला जाएगा। नगर निगम की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
- डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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जम्मू। स्मार्ट सिटी में 830 करोड़ खर्च होने के बाद भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। रविवार को तड़के हुई भारी बारिश के बाद सुबह 10 बजे तक भी शहर के कई हिस्सों में कई फुट पानी भरा रहा।
शहर में नालियों से पानी निकासी के लिए 300 करोड़ खर्च किए गए मगर इनमें इतना कचरा भरा था कि बरसात का पानी गलियों में बहा। कृष्णा नगर नाले में में मलबा फंसने से पानी भरा रहा। इसे निकालने के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। दोपहर एक बजे तक नाले की सफाई का काम होता रहा। बनतालाब नाला भी ओवरफ्लो हुआ।
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स्मार्ट सिटी में नालियों का निर्माण नए सिरे से करवाया गया है। नालियों को गहरा किया गया है। इसके बाद स्मार्ट सिटी की ओर से शहर में जल भराव न होने का दावा किया गया पर करोड़ों खर्च होने पर भी पानी की निकासी रुकी रही। नाले और नालियों के काम पर 100 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की गई है।
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11 साल बाद ओवरफ्लो हुई रणवीर नहर
रणवीर नहर में 11 साल बाद पानी ओवरफ्लो हुआ है। इसका जलस्तर 13 फीट तक पहुंच गया। नहर का पानी सड़क पर बहता नजर आया। इसके पहले 2014 में नहर ओवरफ्लो हुई थी। दोमाना, मिश्रीवाला और आसपास इलाकों में नहर का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में भी घुस गया।
कब कितना बजट हुआ खर्च
स्मार्ट सिटी में 2018-19 में 74.50 करोड़ रुपये जारी किए गए लेकिन खर्च नहीं किए गए। 2019-20 में 52 करोड़ रुपये के व्यय के साथ 6.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 68 करोड़ रुपये जारी किए गए जिनमें से 66.18 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया। 2021-22 में 107.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जिनमें से 107.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2022-23 में 185.58 करोड़ रुपये जारी किए गए जिनमें से 180.61 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया। 2023-24 में 267.03 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 225.63 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2024-25 तक 122.46 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 138.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इन इलाकों में इस बार रही राहत
गांधी नगर, शास्त्री नगर, नानक नगर सहित आसपास इलाकों में जलभराव की स्थिति पेश नहीं आई। हर बार सबसे ज्यादा जलभराव होता था मगर इस बार नालियों में पानी की निकासी हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान पुराने शहर, जानीपुर, तालाब तिल्लो, मुट्ठी इलाकों में हुआ है।
कोट
बरसात से पहले नाले और नालियों की सफाई करवाई गई है। उम्मीद थी कि पानी ओवरफ्लो नहीं होगा। नालियों को फिर से खोला जाएगा। नगर निगम की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
- डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम