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एलएसी पर तनाव के बीच लेह में गूंजे भारत माता की जय और तिब्बत की आजादी के नारे

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Slogans of Bharat Mata ki Jai and freedom of Tibet echoed in Leh amid tension over LAC
लेह में शहीद जवान को अंतिम संस्कार से पहले श्रद्धांजलि देते अधिकारी व अन्य। - फोटो : NOIDA
जम्मू/लेह। एलएसी पर उत्पन्न तनाव के बीच सोमवार को लेह में भारत माता की जय के नारे गूंजे। एलएसी पर शहीद हुए तिब्बती जवान नाइमा तेंजिन को जोरदार नारों के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसकी गूंज एलएसी पर चीन के सैनिकों तक भी पहुंची। अंतिम संस्कार के दौरान तिब्बत और भारत के झंडे भी दिखाई दिए। तिब्बत की आजादी के नारे भी लगे।
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स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के तिब्बती जवान नाइमा तेंजिन बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हो गए थे। सोमवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई गई। उनके पार्थिव शरीर पर भारत और स्वतंत्र तिब्बत का ध्वज लपेटा गया था। इस दौरान विकास रेजीमेंट की जय, एसएफएफ जिंदाबाद, सैल्यूट इंडियन आर्मी के नारे लगे। लोगों के हाथों में बैनर व पोस्टर भी थे जिस पर चाइना ली, पीपुल डाई लिखा हुआ था। तेंजिन भारत की सुपर सीक्रेट विकास रेजीमेंट के कमांडो थे जो स्पेशल फ्रं टियर फ ोर्स का हिस्सा हैं। 29-30 अगस्त की रात को लद्दाख के पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर चीनी सेना की घुसपैठ को नाकाम करने के दौरान तेंजिन बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए थे।
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स्पेशल फ्रं टियर फ ोर्स के सैनिक दलाई लामा, तिब्बत और भारत के ध्वज के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं। ये ऊंचे पर्वतों पर युद्ध के विशेषज्ञ माने जाते हैं। इसमें अधिकतर तिब्बती रिफ्यूजियों को भर्ती किया जाता है। 1959 के विद्रोह के दौरान दलाई लामा के साथ भागकर आए हजारों लोगों ने भारत को ही अपना घर बना लिया है। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद इस फोर्स का गठन किया गया था जिसमें साढ़े तीन हजार जवान हैं।
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राममाधव भी पहुंचे, चीन को कड़ा संदेश
तेंजिन की अंतिम विदाई में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी पहुंचे। माना जा रहा है कि भाजपा नेता का अंतिम विदाई में पहुंचना चीन के लिए कड़ा संदेश है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भारत को तिब्बती कमांडो की शहादत पर गर्व है। भाजपा नेता ने अंतिम विदाई की तस्वीरें अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट भी की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
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