जम्मू: बच्चे में एच1एन1 वायरस की पुष्टि
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पारा गिरने के साथ रियासत में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में छह माह के एक बच्चे में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई है। बच्चे को इलाज देकर छुट्टी दे दी गई है।
दो अन्य रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में एक अन्य संदिग्ध मरीज के खून के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया ने बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरस से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। संदिग्ध मरीजों के रक्त की सैंपलिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य निदेशालय दिल्ली स्थित लैबोरेटरी के बजाय डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला से सैंपलिंग करवा रहा है। इसी अस्पताल की लैब से छह माह के बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
11 जनवरी को जम्मू से तीन सैंपल भेजे गए
वहां के विभागीय अध्यक्ष डॉ. एससी जरियाल ने बताया कि गत 11 जनवरी को जम्मू से तीन सैंपल भेजे गए थे। इनमें से एक सैंपल पॉजिटिव आया है, जबकि दो अन्य सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं।
जीएमसी में स्वाइन फ्लू टेस्टिंग लैब का निर्माण न होने से खून के सैंपलों को हिमाचल भेजा जा रहा है। रियासत में वर्ष 2014 में रिकार्ड स्वाइन फ्लू के पाजिटिव मामले सामने आए थे।
घाटी में कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। जम्मू में भी इस वायरस की चपेट में दर्जनों लोग आए और कईयों की मौत हुई। राज्य में वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस ने दस्तक दी थी।
जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की दिसंबर 2009 को स्वाइन फ्लू से पहली मौत हुई थी। तब सोरा, श्रीनगर में भी एक महिला की इस वायरस से जान चली गई थी।