फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Situation in Kashmir not favorable for elections says omar abdullah

कश्मीर में हालात चुनाव के अनुकूल नहीं, बीजेपी फिर बना सकती है सरकार : उमर अब्दुल्ला

Tue, 10 Jul 2018 01:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Tue, 10 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
Situation in Kashmir not favorable for elections says omar abdullah
उमर अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस के उपप्रधान पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर के मौजूदा हालात चुनाव करवाने के लिए अनुकूल नहीं हैं। लेकिन उम्मीद है कि राज्यपाल एनएन वोहरा 2014 के पूर्व की तरह परिस्थितियों को बहाल करके जम्मू-कश्मीर में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए माहौल तैयार करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा-पीडीपी की गठबंधन के तीन साल के कुशासन कार्यकाल में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के साथ अन्याय और अनदेखी की गई है। नेकां सरकार बनाने के लिए किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं कर रही है। शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू पार्टी हेडक्वार्टर में सोमवार को उमर ने महिला विंग की एक अधिवेशन में शिरकत की। 

विज्ञापन


उमर ने कहा कि नेकां मौजूदा हालात में जल्द चुनाव के हक में नहीं है। लेकिन भाजपा और दूसरे विपक्षी दलों की खरीद फरोख्त की अफवाहों पर नकेल कसने के लिए विधानसभा को भंग किया जाए। रियासत की प्रदेश भाजपा दोबारा हुकूमत बनाने का इशारा कर रही है और केंद्र नेतृत्व दूसरी तरफ की बात कर रहा है। खुद भाजपा महासचिव राम माधव भी इस पर स्थिति साफ कर चुके हैं। लेकिन देखना यह है कि सही और गलत कौन है। पीडीपी में विधायकों की बगावत पर उमर ने कहा कि नेकां ने कभी पीडीपी को बनाने या बिगाड़ने का काम नहीं किया है। यह उनका अंदरुनी मामला है। 
विज्ञापन


भाजपा द्वारा नेकां और कांग्रेस के बीच संपर्क करने की बात पर उमर ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। राज्यपाल शासन के बाद घाटी में हालात सुधरने के भाजपा के दावे को झुठलाते हुए उमर ने कहा कि कश्मीर में कोई बेहतरी नहीं हुई है। दिल्ली से ही यहां के हालात ठीक लग रहे हैं। खून खराबे के साथ आतंकवाद हावी है। पूर्व पीडीपी और भाजपा सरकार के मंत्रियों के कई भ्रष्टाचार के मामले लोगों के माध्यम से सामने आ रहे हैं, जिन्हें राज्यपाल तक पहुंचाया जाएगा। उम्मीद है वह इनकी उच्चस्तरीय जांच करवाकर उचित कार्रवाई करेंगे। महबूबा मुफ्ती अब सरकार गिरने पर दिल्ली जाकर जो तर्क दे रही हैं, उन पर कश्मीर की जनता विश्वास नहीं करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed