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सिख समुदाय ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने के फैसले का किया स्वागत
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:41 AM IST
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सिख समुदाय ने फैसले का किया स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी के सिखों ने करतारपुर कॉरीडोर के खोलने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि उस जगह से सिखों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने शारदा पीठ और कारगिल-असकरदु रोड को भी खोलने की मांग की है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीनगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सेक्रेट्री नवतेज सिंह ने कहा कि यह फैसला भाईचारे का पैगाम देता है। हम चाहते हैं कि दोनों देश में अमन शांति हो।
करतारपुर ऐसी पवित्र जगह है जहां गुरू नानक देव ने 18 वर्ष खेतीबाड़ी करते हुए बिताए और जिंदगी के आखिरी पल भी वहीं बिताए। इसलिए उस धरती के साथ सिखों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं।
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उनका ध्यान रखते हुए जो करीब 70 वर्ष बाद यह फैसला लिया गया है वह खुशी का माहौल लेकर आया है। उन्होंने कहा कि हम यही दुआ करते हैं कि दोनों देश में शांति रहे।
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श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीनगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सेक्रेट्री नवतेज सिंह ने कहा कि यह फैसला भाईचारे का पैगाम देता है। हम चाहते हैं कि दोनों देश में अमन शांति हो।
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करतारपुर ऐसी पवित्र जगह है जहां गुरू नानक देव ने 18 वर्ष खेतीबाड़ी करते हुए बिताए और जिंदगी के आखिरी पल भी वहीं बिताए। इसलिए उस धरती के साथ सिखों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं।
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उनका ध्यान रखते हुए जो करीब 70 वर्ष बाद यह फैसला लिया गया है वह खुशी का माहौल लेकर आया है। उन्होंने कहा कि हम यही दुआ करते हैं कि दोनों देश में शांति रहे।
उधर प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेता सैफुद्दीन सोज ने कहा कि लद्दाखी और कश्मीरी पंडितों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को पीओके में स्थित शारदा पीठ और कारगिल-असकरदु रोड भी खोली जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाएं उस जगह से जुड़ी है, वहीं कई ऐसे परिवार हैं जो बंटवारे के चलते एक दूसरे से दूर हो गए हैं जिन्हें कारगिल-असकरदु रोड के खोलने से मिलाया जा सके।
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाएं उस जगह से जुड़ी है, वहीं कई ऐसे परिवार हैं जो बंटवारे के चलते एक दूसरे से दूर हो गए हैं जिन्हें कारगिल-असकरदु रोड के खोलने से मिलाया जा सके।