अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे दरियाई नालों पर BSF ने की घेराबंदी
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आतंकी घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील रहे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे दरियाई नालों पर सुरक्षा तंत्र की घेराबंदी बढ़ा दी गई है। पठानकोट स्थित एयरबेस पर फिदायीन हमले के बाद से तो सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा की गई है।
सीमा पर बीएसएफ पहले से ज्यादा अलर्ट हो गई है तो भीतरी इलाकों में पुलिस और सेना ने दरियाई नालों पर स्थायी और मोबाइल नाकेबंदी कर दी है।
बीएसएफ के बाद चूंकि दूसरी और तीसरी पंक्ति की सुरक्षा का जिम्मा सेना और पुलिस के पास है, इस लिहाज से जम्मू संभाग के सांबा और खासकर कठुआ जिले में नए स्थानों का चयन कर नाकों को एक्टिवेट कर दिया गया है।
घुसपैठ की दृष्टि से कठुआ जिले के दरियाई नाले कुख्यात हैं
आतंकी घुसपैठ की दृष्टि से कठुआ जिले के दरियाई नालों को सबसे कुख्यात माना जाता है। सुरक्षा बलों ने सांबा के बसंतर नाले पर निगरानी बढ़ाई है, जबकि कठुआ जिले में पहाड़पुर से जुड़ने वाले भाग नाला, पानसर से सटे बसेरा नाला, मनियारी से सटे तरनाह नाला, लोंडी से सटे बेई नाला और करोल कृष्णा से सटे चकड़ा नाले के अलावा शाप नाले के पास सुरक्षा चौबंद कर दी है।
पिछले दो वर्ष में सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों की घुसपैठ और पुलिस थानों से लेकर सैन्य क्षेत्र पर हमलों के बाद से दरियाई नालों में गश्त को बढ़ाया गया था, लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद तो पुलिस के एसओजी ग्रुप और सेना की संयुक्त नाकेबंदी से सुरक्षा घेरे को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
एसपी कठुआ नीवा जैन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर जम्मू-लखनपुर नेशनल हाईवे के बीच से गुजरने वाले दरियाई नालों में पुलिस और सेना के संयुक्त नाके एक्टिवेट किए गए हैं।