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Jammu News: सियाचिन बेस कैंप के लिए पहला एनसीसी ट्रैकिंग दल रवाना
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सियाचिन के लिए रवाना होने वाला एनसीसी ट्रैकिंग दल।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सियाचिन बेस कैंप के लिए पहला एनसीसी ट्रैकिंग दल सोमवार सुबह रवाना हुआ। ब्रिगेडियर दीपक सज्जनहार, एसएम, कमांडर एनसीसी ग्रुप श्रीनगर ने दल को लेह स्थित प्रतिष्ठित युद्ध स्मारक हॉल ऑफ फेम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इससे पूर्व जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एनसीसी निदेशालय के 20 कैडेट्स को चार दिन के लिए लेह में रखा गया, ताकि उनका शरीर वहां के मौसम का अभ्यस्त हो सके। इनमें 10 ब्वॉय और 10 गर्ल कैडेट शामिल हैं।
कैडेट परतापुर ब्रिगेड का दौरा करने के साथ ही सीनियर कमांडर्स और युद्ध नायकों से बातचीत करेंगे। कैडेट्स को सियाचिन बेस कैंप में रॉक क्राफ्ट और आइस क्राफ्ट की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वे सियाचिन तक का ट्रैक करेंगे। इस ट्रैक का मकसद कैडेट्स को दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र और पर्वतारोहण का अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है।
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जम्मू। सियाचिन बेस कैंप के लिए पहला एनसीसी ट्रैकिंग दल सोमवार सुबह रवाना हुआ। ब्रिगेडियर दीपक सज्जनहार, एसएम, कमांडर एनसीसी ग्रुप श्रीनगर ने दल को लेह स्थित प्रतिष्ठित युद्ध स्मारक हॉल ऑफ फेम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इससे पूर्व जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एनसीसी निदेशालय के 20 कैडेट्स को चार दिन के लिए लेह में रखा गया, ताकि उनका शरीर वहां के मौसम का अभ्यस्त हो सके। इनमें 10 ब्वॉय और 10 गर्ल कैडेट शामिल हैं।
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कैडेट परतापुर ब्रिगेड का दौरा करने के साथ ही सीनियर कमांडर्स और युद्ध नायकों से बातचीत करेंगे। कैडेट्स को सियाचिन बेस कैंप में रॉक क्राफ्ट और आइस क्राफ्ट की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वे सियाचिन तक का ट्रैक करेंगे। इस ट्रैक का मकसद कैडेट्स को दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र और पर्वतारोहण का अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है।
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