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जम्मू-कश्मीर : एनआईए की तरह काम करेगी एसआईए, मजबूत होगा पुलिस तंत्र, निशाने पर होंगे टारगेट किलर्स
Fri, 24 Dec 2021 12:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 24 Dec 2021 12:54 AM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक में जेलों में आतंक का नेटवर्क ध्वस्त करने की बनाई रणनीति। मैन पावर, तकनीकी ढांचा सुधरेगा।
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एनआईए...
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) को एनआईए की तर्ज पर काम करने में सक्षम एजेंसी बनाने को कहा है। आतंकवाद से जुड़े मामलों में एसआईए तेजी से जांच कर सके, इसके लिए पर्याप्त मैन पावर और तकनीकी ढांचा दिया जाएगा। आतंकवाद के सफाए के लिए तमाम एजेंसियों को समन्वय बढ़ाकर अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के नेतृत्व में वीरवार को आयोजित बैठक में आतंकियों के खात्मे और जेलों में सक्रिय आतंक के नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति बनाई गई।
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केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि राज्य जांच एजेंसी की भूमिका को बढ़ाने के लिए पर्याप्त अमला और सुविधाएं देनी होंगी। एसआईए में अफसरों और कर्मियों की संख्या बढ़ाने के अलावा कश्मीर घाटी के आतंकवाद ग्रस्त थानों में मैन पावर बढ़ाई जाएगी। थानों और पुलिस चौकियों को किसी भी हालात में त्वरित कार्रवाई में सक्षम बनाया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अरुण मेहता, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह, सीआईडी के स्पेशल डीजीपी आरआर स्वैन समेत अन्य एजेंसियों के आला अफसरों ने अपने सुझाव दिए।
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बैठक में कहा गया कि एसआईए को एनआईए की तरह पेशेवर व सक्षम एजेंसी बनाया जाएगा। इसके लिए मैन पावर और तकनीकी ढांचा मजबूत किया जाएगा। कश्मीर घाटी के पुलिस ढांचे को परिस्थितियों के मुताबिक मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक में टारगेट किलिंग का मुद्दा भी उठा। केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि किसी भी हाल में टारगेट किलिंग को रोकना होगा।
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इससे जुड़ी घटनाओं में शामिल आतंकी और उनके मददगारों की पहचान कर उनका सफाया करना होगा। खुफिया एजेंसियों, सीआरपीएफ, पुलिस, अर्धसैनिक बल, एनआईए, एसआईए को आपसी तालमेल बढ़ाने को कहा गया, ताकि देश और अमन के खिलाफ होने वाले साजिश को फौरन नाकाम किया जा सके। बैठक में बताया गया कि पिछले एक महीने में कश्मीर में तीन पुलिस कर्मी आतंकी हमले में शहीद हो चुके हैं, जबकि 11 घायल हो गए। बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा को लेकर गहनता से विचार विमर्श किया गया है।