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मानव जीवन अनमोल, बिना भक्ति के यह अधूरा : आचार्य सूरज दास
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-खौड़ में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन, निकाली गई शिव विवाह की झांकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। मानव जीवन अनमोल है। ईश्वर की भक्ति के बिना यह जीवन अधूरा है। इंसान को भक्ति से जीवन को संवार लेना चाहिए। यह प्रवचन खौड़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य महंत सूरज दास शास्त्री ने किए। रविवार को कथा के दौरान शिव विवाह भी रचाया गया।
आचार्य सूरज दास ने कहा कि आज इंसान भक्ति को छोड़ मोहमाया में फंस गया है। जबकि, हर दिन इंसान को कुछ पल भगवान की भक्ति में भी लगाने चाहिए। झूठ और लालच आदि से दूर रहना चाहिए। इसी से जीवन सफल होगा। सभी से प्रेम करें। किसी की सफलता पर दुख न करें, बल्कि मेहनत से आगे बढ़ें। आचार्य ने भगवान शिव के विवाह का वर्णन भी किया। भगवान शिव की बारात भी निकाली गई। आचार्य सूरज दास ने संगत को एकता में बल का महत्व भी बताया। कहा कि सभी घर, गांव, संसार में एकता से रहना चाहिए। एकता से ही प्रगति होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। मानव जीवन अनमोल है। ईश्वर की भक्ति के बिना यह जीवन अधूरा है। इंसान को भक्ति से जीवन को संवार लेना चाहिए। यह प्रवचन खौड़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य महंत सूरज दास शास्त्री ने किए। रविवार को कथा के दौरान शिव विवाह भी रचाया गया।
आचार्य सूरज दास ने कहा कि आज इंसान भक्ति को छोड़ मोहमाया में फंस गया है। जबकि, हर दिन इंसान को कुछ पल भगवान की भक्ति में भी लगाने चाहिए। झूठ और लालच आदि से दूर रहना चाहिए। इसी से जीवन सफल होगा। सभी से प्रेम करें। किसी की सफलता पर दुख न करें, बल्कि मेहनत से आगे बढ़ें। आचार्य ने भगवान शिव के विवाह का वर्णन भी किया। भगवान शिव की बारात भी निकाली गई। आचार्य सूरज दास ने संगत को एकता में बल का महत्व भी बताया। कहा कि सभी घर, गांव, संसार में एकता से रहना चाहिए। एकता से ही प्रगति होगी।
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