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मन-मंदिर में सजे बिहारी, जम्मू शहर में नहीं निकली कान्हा की सवारी

Thu, 13 Aug 2020 05:13 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 13 Aug 2020 05:13 PM IST
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Shri Krishna Janmashtami in jammu and kashmir
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजा मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिरों के शहर जम्मू में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अलग अंदाज में मनाई गई। कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जारी बंदिशों के बीच मंदिरों में भक्तों की भीड़ न उमड़े इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। लोगों की सुविधा के लिए मंदिरों से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। जिन मंदिरों में अक्सर जन्माष्टमी पर भक्तों भीड़ रहती थी, वहां कोरोना के कारण इस बार वीरानी छाई रही। मंदिरों में पुजारियों के अलावा अन्य लोगों की उपस्थिति नाममात्र रही। इसके अलावा इस बार शहर में कान्हा की सवारी यानी रथयात्रा भी नहीं निकल सकी। पुजारियों ने ही श्रीकृष्ण भगवान की पूजा-अर्चना सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा किया।

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मंदिरों को फूल व बिजली की लड़ियों से सजाने के साथ कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजनों में नियमों का खास ध्यान रखा गया। वहीं, घरों में भी मुरली मनोहर का पूजन करने के साथ ही भक्तों ने उपवास रखा। कोरोना के कारण पहली बार ऐसी स्थिति बनी जब जन्माष्टमी पर भक्त मंदिरों में न तो माथा टेक सके और न ही पूजा-अर्चना कर सके। शहर के प्रसिद्ध इस्कॉन और रघुनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी पर पुजारियों ने विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए गए। इस दौरान श्रीकृष्ण भगवान से कोरोना संक्रमण के खात्मे की भी प्रार्थना की गई।
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शहर के प्रमुख मंदिर मंगलवार को रात 12 बजे तक खुले रहे। 12 बजे श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूूजा-अर्चना की गई। अखनूर रोड पर स्थिति इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बड़ा कार्यक्रम होता था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण मंदिर में अधिकांश धार्मिक कार्यक्रम नहीं हुए। कार्यक्रम सिर्फ पूजा-अर्चना और अनुष्ठान तक सीमित रहे, जिसका लाइव प्रसारण भी किया गया, ताकि लोग अपने घरों में ही नन्हे कान्हा के दर्शन कर सकें। मंदिरों में बाल गोपाल को झूला झुलाया गया। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए लोगों ने घर में सह परिवार भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की। जन्माष्टमी पर व्रत रखने की भी परंपरा होती है। ऐसे में लोगों ने सुख समृद्धि के लिए व्रत भी रखा। लोगों ने घरों में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को स्थापित किया था।

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भक्तों ने लाइव देखा नंद के लाल बाल गोपाल का अभिषेक

इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और अभिषेक को श्रद्धालुओं ने लाइव देगा। इस्कॉन मंदिर के फेसबुक पेज पर शाम सात बजे से मंदिर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान पंडितों ने भक्तों के नाम का भी अनुष्ठान किया। इसके अलावा मंदिर के आसपास वाले इलाकों में भक्तों के घरों में प्रसाद भी पहुंचाया।

लोगों ने अपने घरों में ही रह की कान्हा की पूजा-अर्चना
बेलीचराना के राजेश ठाकुर ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हर वर्ष परिवार सहित मंदिर जाते थे। इस बार मंदिर बंद होने के कारण नहीं जा पाए और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर परिवार सहित घर में ही पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखने हुए हम सबका दायित्व है कि इसे रोकने के लिए हम सरकार का सहयोग करें।

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