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Jammu News: अमर मंदिर में विराजे हैं शिव-पार्वती
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जम्मू। शहर के डोगरा चौक स्थित महान शिव पार्वती अमर मंदिर में भी महाशिवरात्रि की तैयारियां चल रही हैं। इस मंदिर को शीश महल के नाम से भी जाना जाता है।
महंत ओम प्रकाश ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण रामेश्वर गिरि महाराज के कृपा पात्र शिष्य छज्जू राम ने सन् 1946 में करवाया था।राजा हरि सिंह स्मारक के ठीक सामने बने इस विशाल मंदिर के अंदर भगवान शिव और पार्वती की करीब पांच फुट की दिव्य मूर्ति स्थापित की गई है। गणेश, कार्तिक, नंदी, भैरव भगवान समेत कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी यहां हैं। मंदिर के अंदर दीवारों को कांच से सजाया गया है, इसी कारण लोग इसे शीश महल कहने लगे। इस मंदिर परिसर में एक अखाड़ा मैदान भी बना हुआ है। मान्यता है कि इस स्थान पर पहले रामेश्वर गिरि नामक संत रहते थे, उन्होंने पीपल पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित कर कई वर्षो तक कठिन तपस्या की थी। पेड़ आज भी है। लोगों का कहना यह शिवलिंग स्वत: प्रकट हुआ। इसलिए इस शिवलिंग को स्वयं शम्भू भी कहा जाता है।
अखंड शिव पुराण का होगा पाठ
महंत ओम प्रकाश ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस साल भी 26 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन अखंड शिव पुराण का पाठ किया जाएगा,और रात्रि में भगवान शिव की विशेष चार पहर पूजा की जाएगी। वहीं 27 फरवरी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।संवाद
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महंत ओम प्रकाश ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण रामेश्वर गिरि महाराज के कृपा पात्र शिष्य छज्जू राम ने सन् 1946 में करवाया था।राजा हरि सिंह स्मारक के ठीक सामने बने इस विशाल मंदिर के अंदर भगवान शिव और पार्वती की करीब पांच फुट की दिव्य मूर्ति स्थापित की गई है। गणेश, कार्तिक, नंदी, भैरव भगवान समेत कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी यहां हैं। मंदिर के अंदर दीवारों को कांच से सजाया गया है, इसी कारण लोग इसे शीश महल कहने लगे। इस मंदिर परिसर में एक अखाड़ा मैदान भी बना हुआ है। मान्यता है कि इस स्थान पर पहले रामेश्वर गिरि नामक संत रहते थे, उन्होंने पीपल पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित कर कई वर्षो तक कठिन तपस्या की थी। पेड़ आज भी है। लोगों का कहना यह शिवलिंग स्वत: प्रकट हुआ। इसलिए इस शिवलिंग को स्वयं शम्भू भी कहा जाता है।
अखंड शिव पुराण का होगा पाठ
महंत ओम प्रकाश ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस साल भी 26 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन अखंड शिव पुराण का पाठ किया जाएगा,और रात्रि में भगवान शिव की विशेष चार पहर पूजा की जाएगी। वहीं 27 फरवरी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।संवाद
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