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जम्मू-कश्मीर: शारदा पीठ के इतिहास से रूबरू हुए बच्चे, एलओसी के दस किलोमीटर पार स्थित है यह महापीठ

Thu, 09 Sep 2021 10:21 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 09 Sep 2021 10:21 PM IST
सार

बच्चों को बताया गया कि देवी सती को समर्पित शारदा पीठ को सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। इसे जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ और माता वैष्णो देवी मंदिरों के समान पूजा जाता है।

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Sharda Peeth news Children of Jammu and Kashmir got acquainted with the history of Sharda Peeth
‘हमारी धरोहर’ कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : भारतीय सेना

विस्तार

सेना ने नियंत्रण रेखा पर स्थित कामकारी गांव के बच्चों को ऐतिहासिक धरोहर के बारे में जानकारी देने के लिए ‘हमारी धरोहर’ कार्यक्रम का आयोजन किया। सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय कामकारी में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को कश्मीर के प्राचीन स्मारकों में एक शारदा शक्ति पीठ के इतिहास से अवगत करवाया गया। नियंत्रण रेखा से दस किलोमीटर दूर कामकारी गांव के सामने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थित शारदा पीठ में कुछ दशक पहले तक पूजा पाठ होता था परंतु आज वह खंडहर बन चुका है। 

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बच्चों को बताया गया कि देवी सती को समर्पित शारदा पीठ को सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। इसे जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ और माता वैष्णो देवी मंदिरों के समान पूजा जाता है। इसे उन 18 महापीठों में से एक माना जाता है जहां देवी सती त्रिपक्षीय अवतार में निवास करती हैं। शारदा पीठ पर बनी फिल्म भी बच्चों को दिखाई गई जिसने उनके मन में और अधिक रुचि पैदा की। 
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बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता में भी भाग लिया
बच्चों को एक छोटे से ट्रैक पर ले जाया गया। जहां बच्चों ने खुशनुमा माहौल में इस खूबसूरत जगह के इतिहास और संस्कृति के बारे में अधिक चर्चा की। गंतव्य पर पहुंचने पर सभी बच्चों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया और कैनवास पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दिन का समापन बॉलीवुड फिल्म शेरशाह की स्क्रीनिंग के साथ हुआ। सेना ने इस कार्यक्रम का आयोजन जवान और अवाम के बीच अटूट बंधन को मजबूत करके और भारत के युवा दिमाग को विकसित करके नया कश्मीर बनाने की एक पहल के रूप में किया है। कार्यक्रम में चार शिक्षकों और 60 छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चों को ट्रैक सूट, अन्य वस्तुओं के साथ टोपी और एक बैग उपहार में दिया।

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