जम्मू। जीएमसी के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने डब्ल्यूएचओ के सहयोग से राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के तत्वावधान और फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा रोगाणुरोधी प्रतिरोध कार्यक्रम के तहत बिंदु प्रसार सर्वेक्षण में हिस्सा लिया। 200 यूजी और पीजी छात्रों को जीएमसी व एसोसिएटेड के मेडिसिन, सर्जरी, ज्ञान व प्रसूति, बाल चिकित्सा, आर्थोपेडिक, ईएनटी, आईसीयू के विभिन्न वार्डों में सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया। सर्वेक्षण में एकत्र डेटा को एनसीडीसी के साथ साझा किया जा चुका है।
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने विद्यार्थियों में प्रशिक्षण व भागीदारी के प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने छात्रों की सराहना करते हुए एंटी माइक्रोबायल्स के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। कोविड ने पहले ही एंटी बायोटिक्स के महत्व का अहसास कराया है। सीमा गुप्ता एचओडी फार्माकोलॉजी ने कहा कि नवोदित डॉक्टरों को शुरू से ही चिकित्सा के क्षेत्र में साक्ष्य आधारित दवा के उपयोग को सीखना चाहिए। इस दौरान डॉ. नुसरत भट्ट, डॉ. राजेश आदि मौजूद रहे। ब्यूरो