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Jammu News: पीओके के लोग पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों से परेशान
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पीओजेके द्वारा आयोहित सेमीनारा में मौजूद मुख्य वक्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पीओके के लोग पाकिस्तान सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध कर रहे हैं। लोग बेरोजगारी, महंगाई, पानी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां पर विकास के बजाय आतंकियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं। यह बात पीओजेके विस्थापित सेवा समिति की ओर से शनिवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूदा घटनाक्रम विषय पर आईआईआईएम कैनाल हेड सभागार में करवाए सेमिनार में मुख्य वक्ता कैप्टन आलोक बंसल ने कही।
उन्होंने कहा कि पीओके में आए दिन बम धमाके होते रहते हैं और जान-माल का नुकसान भी अकसर हो रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए पीओके से भारत में विलय की आवाज उठ रही है। पीओके विस्थापित सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने मौके पर उपस्थित लोगों को समिति की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से 26 हजार से अधिक लोगों के मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर से बाहर रह रहे पीओके विस्थापित जोड़े गए हैं। डोमिसाइल बनाने की यह प्रक्रिया लगातार चल रही है।
डॉ. कपूर ने बताया कि इस वर्ष 12 मार्च को केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुकेतर में 40 कनाल 17 मरला भूमि पर पीओके भवन के निर्माण के लिए आधारशिला भी रखी है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पीओके को वापस लेने के लिए समिति द्वारा जनजागरण का कार्य योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है और केंद्र सरकार से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील भी की गई है।
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जम्मू। पीओके के लोग पाकिस्तान सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध कर रहे हैं। लोग बेरोजगारी, महंगाई, पानी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां पर विकास के बजाय आतंकियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं। यह बात पीओजेके विस्थापित सेवा समिति की ओर से शनिवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूदा घटनाक्रम विषय पर आईआईआईएम कैनाल हेड सभागार में करवाए सेमिनार में मुख्य वक्ता कैप्टन आलोक बंसल ने कही।
उन्होंने कहा कि पीओके में आए दिन बम धमाके होते रहते हैं और जान-माल का नुकसान भी अकसर हो रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए पीओके से भारत में विलय की आवाज उठ रही है। पीओके विस्थापित सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने मौके पर उपस्थित लोगों को समिति की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से 26 हजार से अधिक लोगों के मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर से बाहर रह रहे पीओके विस्थापित जोड़े गए हैं। डोमिसाइल बनाने की यह प्रक्रिया लगातार चल रही है।
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डॉ. कपूर ने बताया कि इस वर्ष 12 मार्च को केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुकेतर में 40 कनाल 17 मरला भूमि पर पीओके भवन के निर्माण के लिए आधारशिला भी रखी है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पीओके को वापस लेने के लिए समिति द्वारा जनजागरण का कार्य योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है और केंद्र सरकार से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील भी की गई है।
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