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अलगाववादियों का यूएन मार्च सुरक्षाबलों ने किया नाकाम, घाटी में हिंसक प्रदर्शन

Fri, 10 Feb 2017 09:57 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 10 Feb 2017 09:57 PM IST
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security forces made the UN chalo march failed in kashmir
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : File Photo

अलगाववादियों के यूएन चलो मार्च को सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को नाकाम बना दिया। मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद करने के साथ ही जुलूस निकालने के प्रयास में जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक को गिरफ्तार किया गया। जामा मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी गई।

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श्रीनगर, सोपोर सहित कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। लाल चौक और यूएन दफ्तर जाने वाले रास्तों को सील किया गया था। हुर्रियत (जी), हुर्रियत (एम), जेकेएलएफ और अन्य अलगाववादी संगठनों की ओर से यूएन चलो की कॉल दी गई थी।
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मार्च के मद्देनजर अलगाववादियों पर शिकंजा कसते हुए मीरवाइज उमर फारूक को सुबह आठ बजे ही नगीन स्थित घर पर नजरबंद कर दिया गया। यासीन मलिक को भी पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह सराई बाला स्थित दसगीर साहिब जियारत से नमाज के बाद अपने समर्थकों के साथ रैली के रूप में निकले। 

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सोपोर में सुरक्षाबलों पर पथराव

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सुरक्षाबलों पर पथराव - फोटो : FILE PHOTO

शुक्रवार को श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमा की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। इस बीच श्रीनगर के सोवरा सहित कई इलाकों से सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत शुरू हो गई।

पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। सोपोर में भी नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। 

आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

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घाटी में तैनात जवान - फोटो : FILE PHOTO
अलगाववादियों के कॉल के मद्देनजर श्रीनगर के लाल चौक सहित आस-पास के इलाकों में सख्त पाबंदियां लगाई गई थीं। जगह-जगह पर जवानों की तैनाती की गई थी। यूएन कार्यालय तक जाने वाले सभी रास्ते सील किए गए थे। कॉल के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सभी दुकानें और कारोबारी इदारे बंद रहे। सड़कों पर केवल प्राइवेट ट्रांसपोर्ट चलता दिखाई दिया। रेल सेवाएं भी रद्द रहीं।

ज्ञात हो कि यूएन चलो मार्च के तहत अलगाववादियों को अफजल गुरु और जेकेएलएफ नेता मोहम्मद मकबूल भट की अस्थियों को सौंपे जाने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपना था। प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। 
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