{"_id":"5d487cbd8ebc3e6cd11bc031","slug":"security-allert-jammu-news-jmu1908413142","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के चप्पे चप्पे पर रहा सख्त पहरा, अफसर गश्त करते रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के चप्पे चप्पे पर रहा सख्त पहरा, अफसर गश्त करते रहे
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जम्मू। शहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर कड़े बंदोबस्त रहे। जगह-जगह पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। सभी थानेदार और चौकी अफसर अपने-अपने क्षेत्र के कर्मियों के साथ इलाके में गश्त करते दिखे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से साफ तौर पर आदेश दिया गया था कि सभी अधिकारी अपने-अपने इलाके में मौजूद रहेंगे और गश्त करते रहें, ताकि माहौल की जानकारी जुटाई जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पल-पल की जानकारी भी ली। सोमवार को जम्मू जिले में करीब 4 हजार सीआरपीएफ कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई।
सूत्रों के अनुसार पूरे जम्मू संभाग में कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। पुराने शहर में तो पुलिस की पीसीआर वैन से घोषणा की गई कि लोग अपने घरों से बाहर न निकलें। शहर के गुज्जर नगर पुल पर कड़ा पहरा रहा। यहां सेना की तैनाती रही। वायरलेस सेट के जरिये पुल से सुरक्षा की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों से साझा की गई। अधिकतर नाकों पर पुलिस के साथ सीआईएसएफ और सीआरपीएफ कर्मियों ने मोर्चा संभाला।
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सुबह होते ही सड़क पर सिर्फ सुरक्षा बल दिखे
सोमवार की सुबह होते ही जब लोग अपने घरों से कामकाज के लिए निकले तो हर एक जगह सुरक्षा बलों को तैनात देखा। सड़क पर कंटीले तार और सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण लोग कामकाज पर नहीं जा सके। कई जगहों पर लोग आने जाने के लिए उलझते दिखे।
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कहीं पर कोई बवाल नहीं
जम्मू संभाग में कुछ जगहों पर अधिक सख्ती की आवश्यकता थी। इसलिए सुरक्षा बलों को सख्ती करनी पड़ी। कहीं पर कुछ बवाल या हिंसक घटना की जानकारी नहीं है। सब जगह शांति ही रही है।
-मुकेश सिंह, आईजी जम्मू
केंद्र के हाथों में कमान आने के बाद पुलिस का क्या होगा
पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक प्रभाव की नो एंट्री
पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म होगा। पुलिस अफसर अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए किसी नेता की मदद नहीं ले सकेंगे। न ही कोई नेता या मंत्री अपने इलाके में पसंद के अफसर को लगा सकेगा। पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम कर सकेगी। मौजूदा समय में किसी इलाके में अतिक्रमण तक हटाने जाने वाले पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ता है। अब पुलिस प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकेगी।
बढ़ जाएंगे वेतन संबंधी लाभ
सूत्रों की मानें तो केंद्र के अधीन आने पर अब जेएंडके पुलिस के वेतन संबंधी लाभ भी बढ़ेंगे। जब भी केंद्रीय कर्मियों का डीए बढ़ता है तो अब राज्य पुलिस का भी बढ़ेगा और महीनों के बाद नहीं, बल्कि तत्काल प्रभाव से बढ़ेगा। इसके अलावा कश्मीर में नौकरी करने पर अधिक भत्ता मिलेगा।
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सूत्रों के अनुसार पूरे जम्मू संभाग में कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। पुराने शहर में तो पुलिस की पीसीआर वैन से घोषणा की गई कि लोग अपने घरों से बाहर न निकलें। शहर के गुज्जर नगर पुल पर कड़ा पहरा रहा। यहां सेना की तैनाती रही। वायरलेस सेट के जरिये पुल से सुरक्षा की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों से साझा की गई। अधिकतर नाकों पर पुलिस के साथ सीआईएसएफ और सीआरपीएफ कर्मियों ने मोर्चा संभाला।
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सुबह होते ही सड़क पर सिर्फ सुरक्षा बल दिखे
सोमवार की सुबह होते ही जब लोग अपने घरों से कामकाज के लिए निकले तो हर एक जगह सुरक्षा बलों को तैनात देखा। सड़क पर कंटीले तार और सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण लोग कामकाज पर नहीं जा सके। कई जगहों पर लोग आने जाने के लिए उलझते दिखे।
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कहीं पर कोई बवाल नहीं
जम्मू संभाग में कुछ जगहों पर अधिक सख्ती की आवश्यकता थी। इसलिए सुरक्षा बलों को सख्ती करनी पड़ी। कहीं पर कुछ बवाल या हिंसक घटना की जानकारी नहीं है। सब जगह शांति ही रही है।
-मुकेश सिंह, आईजी जम्मू
केंद्र के हाथों में कमान आने के बाद पुलिस का क्या होगा
पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक प्रभाव की नो एंट्री
पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म होगा। पुलिस अफसर अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए किसी नेता की मदद नहीं ले सकेंगे। न ही कोई नेता या मंत्री अपने इलाके में पसंद के अफसर को लगा सकेगा। पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम कर सकेगी। मौजूदा समय में किसी इलाके में अतिक्रमण तक हटाने जाने वाले पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ता है। अब पुलिस प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकेगी।
बढ़ जाएंगे वेतन संबंधी लाभ
सूत्रों की मानें तो केंद्र के अधीन आने पर अब जेएंडके पुलिस के वेतन संबंधी लाभ भी बढ़ेंगे। जब भी केंद्रीय कर्मियों का डीए बढ़ता है तो अब राज्य पुलिस का भी बढ़ेगा और महीनों के बाद नहीं, बल्कि तत्काल प्रभाव से बढ़ेगा। इसके अलावा कश्मीर में नौकरी करने पर अधिक भत्ता मिलेगा।