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Jammu News: राजोेरी में 8वें दिन चला आतंकियों की तलाश का अभियान
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
राजोेरी। राजोेरी जिले के गंभीर मुगला क्षेत्र के डोरिमल जंगलों में छिपे आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षा बलों की ओर से चलाया जा रहा व्यापक सर्च ऑपरेशन शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। लगातार आठ दिनों से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना के पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही हैं, लेकिन कोई निर्णायक सफलता हाथ नहीं लग सकी है।
सुरक्षा बलों को आशंका है कि दो से तीन भारी हथियारों से लैस पाकिस्तानी आतंकवादी क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं। आतंकियों के संभावित ठिकानों को निशाना बनाते हुए सेना की ओर से बीच-बीच में गोलाबारी की जा रही है। इसके अलावा, मल्टीपल ग्रेनेड लांचरों के माध्यम से भी संदिग्ध ठिकानों पर हमला किया गया, ताकि आतंकियों को बाहर निकलने के लिए मजबूर किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर रखा है और आतंकियों की तलाश के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। अभियान में ड्रोन, अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, खोजी कुत्तों तथा हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। हेलीकॉप्टरों के जरिये जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि ड्रोन लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
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उच्च स्तरीय सुरक्षा अधिकारी भी पूरे अभियान पर लगातार नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर अभियान की समीक्षा कर रहे हैं और जमीन पर तैनात जवानों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। हाल ही में उत्तरी सेना कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी क्षेत्र का दौरा कर ऑपरेशन की प्रगति का जायजा लिया था। लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने के लिए कहा गया है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि आतंकियों को किसी भी हालत में बचकर निकलने नहीं दिया जाएगा और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक उनका पता नहीं लगाया जा सके। डोरिमल-गंभीर मुगला क्षेत्र घने जंगलों, गहरी खाइयों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला इलाका है। इस कारण आतंकियों की तलाश में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बल पूरी सतर्कता और दृढ़ता के साथ अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
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राजोेरी। राजोेरी जिले के गंभीर मुगला क्षेत्र के डोरिमल जंगलों में छिपे आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षा बलों की ओर से चलाया जा रहा व्यापक सर्च ऑपरेशन शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। लगातार आठ दिनों से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना के पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही हैं, लेकिन कोई निर्णायक सफलता हाथ नहीं लग सकी है।
सुरक्षा बलों को आशंका है कि दो से तीन भारी हथियारों से लैस पाकिस्तानी आतंकवादी क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं। आतंकियों के संभावित ठिकानों को निशाना बनाते हुए सेना की ओर से बीच-बीच में गोलाबारी की जा रही है। इसके अलावा, मल्टीपल ग्रेनेड लांचरों के माध्यम से भी संदिग्ध ठिकानों पर हमला किया गया, ताकि आतंकियों को बाहर निकलने के लिए मजबूर किया जा सके।
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सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर रखा है और आतंकियों की तलाश के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। अभियान में ड्रोन, अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, खोजी कुत्तों तथा हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। हेलीकॉप्टरों के जरिये जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि ड्रोन लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
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उच्च स्तरीय सुरक्षा अधिकारी भी पूरे अभियान पर लगातार नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर अभियान की समीक्षा कर रहे हैं और जमीन पर तैनात जवानों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। हाल ही में उत्तरी सेना कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी क्षेत्र का दौरा कर ऑपरेशन की प्रगति का जायजा लिया था। लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने के लिए कहा गया है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि आतंकियों को किसी भी हालत में बचकर निकलने नहीं दिया जाएगा और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक उनका पता नहीं लगाया जा सके। डोरिमल-गंभीर मुगला क्षेत्र घने जंगलों, गहरी खाइयों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला इलाका है। इस कारण आतंकियों की तलाश में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बल पूरी सतर्कता और दृढ़ता के साथ अभियान को अंजाम दे रहे हैं।