फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   important report sent to home ministry

गृह मंत्रालय को कश्मीर से भेजी गई साजिश की अहम रिपोर्ट

Mon, 26 Dec 2016 06:27 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 26 Dec 2016 06:27 PM IST
विज्ञापन
important report sent to home ministry
Home Ministry - फोटो : PTI

उपद्रवी कश्मीर में फिर स्कूलों और सरकारी भवनों को निशाना बना सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस आशय की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी है। सरफेसी एक्ट और वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों को पहचान पत्र दिए जाने के मुद्दे पर अलगाववादियों ने मुहिम छेड़ रखी है। इस क्रम में कश्मीर में अफवाहों को हवा दी जाने लगी है।

विज्ञापन


आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत से पहले अलगाववादियों ने सैनिक कालोनी और कश्मीरी पंडितों के लिए अलग सेटेलाइट टाउन के मुद्दों को कश्मीर के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ के रूप में प्रचारित कर विरोध का माहौल बनाया था। कश्मीर की संप्रभुता और अनुच्छेद 370 के मुद्दे को फिर से गरमाया जाने लगा है। 
विज्ञापन


सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक अलगाववादी कश्मीर की संप्रभुता के मुद्दे पर बलिदान की बात कर रहे हैं। ऐसी अपीलों से माहौल बिगड़ने का खतरा पैदा हो रहा है। दरअसल, आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद पांच महीने तक हिंसा के दौर के बाद अलगाववादियों की अपीलें बेअसर होने लगी थीं। इससे उनके लिए वजूद का खतरा पैदा होने लगा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फिर से हिंसा भड़कने की आशंका

important report sent to home ministry
कश्मीर में हिंसा - फोटो : PTI

लिहाजा, नए मुद्दों के बहाने फिर से मस्जिदों से आजादी के तराने बजाए जाने लगे हैं। उपद्रवियों ने चार महीने में 35 स्कूलों और 39 सरकारी भवनों को आग के हवाले कर दिया था। 40 सरकारी भवन क्षतिग्रस्त किए गए।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सरकारी भवनों और स्कूलों को साफ्ट टारगेट मानते हुए यह सिलसिला फिर से शुरू किए जाने की साजिश रची जा रही है। सरफेसी (सिक्यूरिटीजेशन एंड रीकंस्ट्रक्शन आफ फिनानशियल एसेट एंड इनफोर्समेंट आफ सिक्यूरिटी इंटरेस्ट एक्ट) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर को संप्रभुता हासिल नहीं है।

कश्मीरी युवकों को भड़का रहे हैं अलगाववादी

important report sent to home ministry
कश्मीर में हिंसा - फोटो : फाइल फोटो

अलगाववादी प्रचारित कर रहे हैं कि इस कानून के लागू होने से डिफाल्टरों की जब्त संपत्ति को रियासत के बाहर वाले लोगों को बेचने का अधिकार बैंकों को हासिल हो जाएगा। अलगाववादी इसे जम्मू-कश्मीर के संविधान और स्टेट सब्जेक्ट के प्रावधान के विपरीत बता रहे हैं।

वर्तमान में दूसरे राज्य के लोगों को जम्मू-कश्मीर में स्थायी संपत्ति हासिल करने का अधिकार नहीं है। वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को निवास संबंधी पहचान पत्र जारी करने को भी अलगाववादी जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ बताते हुए कश्मीरी युवकों को भड़का रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed