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तीसरे दिन भी आईआईआईएम में नहीं लिए गए सैंपल
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जम्मू। आईआईआईएम लैब में कोविड टेस्टिंग को लेकर असमंजस बरकरार है। सोमवार को तीसरे दिन भी लैब में कोई सैंपल नहीं लिए गए। इस लैब में प्रतिदिन 500 से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे थे, जिससे पिछले तीन दिनों में करीब 1500 टेस्ट नहीं हो पाए हैं। लैब में जीएमसी से तीन नए टेक्नीशियन भेजे गए हैं, लेकिन वे अलग विभागों से होने के कारण कोरोना टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। उन्हें प्रशिक्षित होने में समय लगेगा।
आईआईआईएम में गत दिनों जम्मू-कश्मीर एड्स कंट्रोल सोसायटी और स्टेट ट्यूबर क्लोसिस कार्यालय से तीन प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन को वापस बुला लेने से कोई नया कोविड सैंपल नहीं लिया जा सका है। लैब में एक अन्य प्रशिक्षित टेक्नीशियन वालंटियर के तौर पर काम कर रहा है, जबकि यहां से गए तीन टेक्नीशियनों को कोविड टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित किया गया था। सूत्रों के अनुसार सोमवार को जीएमसी से पैथालोजी, सिजोलाजी और फार्माकोलाजी विभाग से एक-एक टेक्नीशियन आईआईआईएम लैब में भेजा गया है। लेकिन वे कोरोना टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। इससे नए सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं।
कोविड टेस्टिंग में आई कमी
आईआईआईएम लैब में नए सैंपल न लेने के कारण कोविड टेस्टिंग में कमी आई है। जम्मू के सीडी अस्पताल में भी पहले से ही टेस्टिंग बंद हो गई है, जिससे अब एकमात्र जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लैब में ही कोविड टेस्टिंग हो रही है। एक ही लैब पर कोविड टेस्ट का लोड बढ़ने से रिपोर्ट में भी देरी होगी। इससे खासतौर पर क्वारंटीन में फंसे लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी।
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12 मई को शुरू हुई थी लैब
आईआईआईएम लैब में गत 12 मई को स्वतंत्र तौर पर आईसीएमआर के अधीन कोविड टेस्ट शुरू किया गया था, जिसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इससे पहले अप्रैल से इसे जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लैब के अधीन चलाया जा रहा था। स्वतंत्र तौर पर शुरू हुई इस लैब में अब तक 11224 कोविड सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिसमें 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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आईआईआईएम में गत दिनों जम्मू-कश्मीर एड्स कंट्रोल सोसायटी और स्टेट ट्यूबर क्लोसिस कार्यालय से तीन प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन को वापस बुला लेने से कोई नया कोविड सैंपल नहीं लिया जा सका है। लैब में एक अन्य प्रशिक्षित टेक्नीशियन वालंटियर के तौर पर काम कर रहा है, जबकि यहां से गए तीन टेक्नीशियनों को कोविड टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित किया गया था। सूत्रों के अनुसार सोमवार को जीएमसी से पैथालोजी, सिजोलाजी और फार्माकोलाजी विभाग से एक-एक टेक्नीशियन आईआईआईएम लैब में भेजा गया है। लेकिन वे कोरोना टेस्टिंग के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। इससे नए सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं।
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कोविड टेस्टिंग में आई कमी
आईआईआईएम लैब में नए सैंपल न लेने के कारण कोविड टेस्टिंग में कमी आई है। जम्मू के सीडी अस्पताल में भी पहले से ही टेस्टिंग बंद हो गई है, जिससे अब एकमात्र जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लैब में ही कोविड टेस्टिंग हो रही है। एक ही लैब पर कोविड टेस्ट का लोड बढ़ने से रिपोर्ट में भी देरी होगी। इससे खासतौर पर क्वारंटीन में फंसे लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी।
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12 मई को शुरू हुई थी लैब
आईआईआईएम लैब में गत 12 मई को स्वतंत्र तौर पर आईसीएमआर के अधीन कोविड टेस्ट शुरू किया गया था, जिसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इससे पहले अप्रैल से इसे जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लैब के अधीन चलाया जा रहा था। स्वतंत्र तौर पर शुरू हुई इस लैब में अब तक 11224 कोविड सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिसमें 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।