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Jammu News: मलबा और गंदगी से पटे पड़े हैं सांबा के नाले, बरसात में झेलनी होगी जलभराव की समस्या
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सफाई अभियान चलाए जाने के बावजूद नाले साफ नहीं होने से लोगों ने नगर परिषद पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बरसात के मौसम में शहर को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचाने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई अभियान चलाया गया था। प्रशासन का दावा था कि बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख निकासी नालों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई अभियान केवल खानापूर्ति तक सीमित रहा और शहर के अधिकांश नाले आज भी मलबे, गाद और कचरे से भरे पड़े हैं।
स्थानीय निवासी खेमराज, दर्शन लाल, रामलाल और रमेश लाल ने बताया कि सांबा शहर में पानी की निकासी के लिए बनाए गए अधिकांश नालों की पूरी तरह सफाई नहीं हुई है। कई स्थानों पर नालों में अब भी गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित होने की आशंका बनी हुई है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान नालों का पानी बाहर निकलकर लोगों के घरों में घुस गया था, जिससे कई परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं पानी में खराब हो गई थीं।
सफाई में खानापूर्ति का लगा आरोप
लोगों का कहना है कि इस बार भी नगर परिषद ने केवल चुनिंदा स्थानों पर सफाई कर खानापूर्ति की है, जबकि शहर के अधिकांश निकासी नाले आज भी मलबे और गंदगी से भरे हुए हैं। यदि समय रहते इनकी दोबारा व्यापक सफाई नहीं कराई गई तो आगामी बारिश के दौरान फिर से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी नालों की मौके पर जांच कर प्रभावी सफाई अभियान चलाने और जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और यदि नालों की सफाई में लापरवाही बरती गई तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने नगर परिषद से केवल कागजी दावों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की है।
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कोट-
शहर के सभी बड़े नालों की जेसीबी मशीनों से सफाई कराई गई है। कुछ स्थानों पर नालों तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण मशीनें अंदर नहीं जा सकीं, जिससे वहां सफाई कार्य प्रभावित हुआ। हाल ही में हुई बारिश के कारण कई जगहों पर दोबारा मलबा जमा हुआ है। टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां सफाई कराई जा रही है। -जोधराज, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सांबा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बरसात के मौसम में शहर को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचाने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई अभियान चलाया गया था। प्रशासन का दावा था कि बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख निकासी नालों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई अभियान केवल खानापूर्ति तक सीमित रहा और शहर के अधिकांश नाले आज भी मलबे, गाद और कचरे से भरे पड़े हैं।
स्थानीय निवासी खेमराज, दर्शन लाल, रामलाल और रमेश लाल ने बताया कि सांबा शहर में पानी की निकासी के लिए बनाए गए अधिकांश नालों की पूरी तरह सफाई नहीं हुई है। कई स्थानों पर नालों में अब भी गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित होने की आशंका बनी हुई है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान नालों का पानी बाहर निकलकर लोगों के घरों में घुस गया था, जिससे कई परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं पानी में खराब हो गई थीं।
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सफाई में खानापूर्ति का लगा आरोप
लोगों का कहना है कि इस बार भी नगर परिषद ने केवल चुनिंदा स्थानों पर सफाई कर खानापूर्ति की है, जबकि शहर के अधिकांश निकासी नाले आज भी मलबे और गंदगी से भरे हुए हैं। यदि समय रहते इनकी दोबारा व्यापक सफाई नहीं कराई गई तो आगामी बारिश के दौरान फिर से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी नालों की मौके पर जांच कर प्रभावी सफाई अभियान चलाने और जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और यदि नालों की सफाई में लापरवाही बरती गई तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने नगर परिषद से केवल कागजी दावों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की है।
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शहर के सभी बड़े नालों की जेसीबी मशीनों से सफाई कराई गई है। कुछ स्थानों पर नालों तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण मशीनें अंदर नहीं जा सकीं, जिससे वहां सफाई कार्य प्रभावित हुआ। हाल ही में हुई बारिश के कारण कई जगहों पर दोबारा मलबा जमा हुआ है। टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां सफाई कराई जा रही है। -जोधराज, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सांबा